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सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के अंतरिम निलंबन से किया इनकार: ECI और केंद्र सरकार को नोटिस जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली।

एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम में, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को अंतरिम रूप से निलंबित करने या उनकी कार्यकारी शक्तियों को अन्य चुनाव आयुक्तों को सौंपने की मांग वाली याचिका पर तत्काल कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में एकतरफा निर्णय लेने के आरोपों पर चुनाव आयोग (ECI), केंद्र सरकार, CEC ज्ञानेश कुमार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।

 

अंतरिम राहत और अदालती प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट का रुख

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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने चुनाव आयोग के भीतर प्रशासनिक एकतरफा फैसलों का हवाला देते हुए अंतरिम निलंबन का आदेश देने का आग्रह किया।

अंतरिम निलंबन की मांग को खारिज करते हुए CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि केवल आरोपों या मीडिया रिपोर्टों के आधार पर बिना रिकॉर्ड देखे कोई कठोर अंतरिम आदेश देना उचित नहीं होगा। अदालत ने स्पष्ट किया:

“एक अनिवार्य कानून मौजूद है और हम उम्मीद करते हैं कि वे इसका पालन करेंगे। यदि कोई उल्लंघन हुआ है, तो हम उसे रद्द करेंगे… लेकिन इस स्तर पर, हम पहले संबंधित पक्षों का जवाब और रिकॉर्ड देखना चाहते हैं।“

 

Modified Form 6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम स्पष्टीकरण

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सुनवाई के दौरान नया मतदाता नाम दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले वैधानिक आवेदन पत्र Form 6 में किए गए बदलावों पर भी गहन चर्चा हुई।

  • Form 6 का उद्देश्य: नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करना।
  • विवादित बदलाव: SIR प्रक्रिया के दौरान पिछले मतदाता सूचियों से जुड़ाव/घोषणा की शर्त जोड़ना।
  • कोर्ट की टिप्पणी: “हमारे द्वारा किसी भी Modified Form 6 को मंजूरी नहीं दी गई थी… इसे लेकर पूरी तरह स्पष्ट रहें।”
  • मूल मुद्दा: क्या बिना उचित वैधानिक प्रक्रिया के प्रशासनिक स्तर पर Form 6 के प्रारूप में बदलाव किया जा सकता है?

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि Form 6 में बदलाव किस स्तर पर और किस प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किए गए थे।

 

सुनवाई के मुख्य बिंदु

  • CEC पद पर बने रहेंगे: ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहेंगे क्योंकि कोर्ट ने उनके निलंबन पर कोई आदेश नहीं दिया है।
  • नोटिस जारी: चुनाव आयोग, कानून एवं न्याय मंत्रालय और CEC ज्ञानेश कुमार को अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब (हलफनामा) दाखिल करना होगा।
  • SIR निर्णयों की समीक्षा: अदालत इस आरोप की जांच करेगी कि क्या SIR और मतदाता सूची डेटाबेस से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए थे।

 

न्यायिक कार्यवाही और चुनाव आयोग से जुड़ी अन्य रिपोर्टों के लिए मातृभूमि समाचार पर पढ़ें।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित कर दिया है?

उत्तर: जी नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के अंतरिम निलंबन पर कोई आदेश देने से इनकार कर दिया है। वह अपने पद पर बने रहेंगे।

प्रश्न 2: Modified Form 6 से जुड़ा विवाद क्या है?

उत्तर: Form 6 का उपयोग नए मतदाता पंजीकरण के लिए किया जाता है। SIR प्रक्रिया के तहत इसमें कुछ अतिरिक्त घोषणाएं मांगी जा रही थीं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि उसने ऐसे किसी संशोधित फॉर्म को मंजूरी नहीं दी थी।

प्रश्न 3: अब इस मामले में आगे क्या होगा?

उत्तर: सुप्रीम कोर्ट ने ECI, केंद्र सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है। आयोग और सरकार का जवाब दाखिल होने के बाद अदालत मामले की अगली सुनवाई करेगी।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह समाचार लेख 5 अक्टूबर 2026 की अदालती कार्यवाही पर आधारित है। कानूनी निष्कर्ष सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेशों और हलफनामों पर निर्भर करेंगे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।