लोड हो रहा है...

6 अक्टूबर 2026 उपचुनाव: 5 विधानसभा और 1 लोकसभा सीट पर थमा मतदान, 9 अक्टूबर को आएंगे नतीजे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली.

देश के तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की कुल 6 सीटों (5 विधानसभा और 1 लोकसभा) पर मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम के मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस पर्व में उत्साह के साथ हिस्सा लिया और भारी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

अब सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम (EVM) में दर्ज हो चुकी है। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को मतगणना होगी और इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर तक समाप्त हो जाएगी।

 

- Advertisement -

मदुरंतकम में दर्ज हुआ सर्वाधिक 86.26% मतदान

चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु की मदुरंतकम विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 86.26% वोटिंग दर्ज की गई। यद्यपि यह आंकड़ा अप्रैल 2026 के आम विधानसभा चुनाव (93.23%) के मुकाबले थोड़ा कम रहा, फिर भी यह सभी छह सीटों में सर्वोच्च है। तमिलनाडु की ही धारापुरम सीट पर 80.30% मतदान हुआ, जो पिछली बार के 89.96% से कम रहा।

 

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर में 80% से अधिक वोटिंग

पश्चिम बंगाल की दोनों प्रमुख सीटों पर मतदाताओं का भारी उत्साह देखने को मिला:

- Advertisement -
  • नंदीग्राम विधानसभा: 80.89% मतदान
  • रेजीनगर विधानसभा: 80.07% मतदान

 

राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप:

मतदान के दौरान पश्चिम बंगाल की सीटों पर राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। विपक्षी दलों ने कुछ पोलिंग बूथों पर अनियमितता, मतदाताओं को डराने-धमकाने और पोलिंग एजेंटों को बाहर निकालने के आरोप लगाते हुए पुनर्मतदान (re-polling) की मांग की। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। रेजीनगर में मतदान के दौरान एजेयूपी (AJUP) नेता हुमायूं कबीर की पुलिस द्वारा हिरासत/गिरफ्तारी दिनभर चर्चा का विषय बनी रही, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

 

पुडुचेरी और असम का मतदान का हाल

  • थट्टनचावडी (पुडुचेरी): इस विधानसभा सीट पर 80.81% मतदान दर्ज हुआ। यह उपचुनाव मुख्यमंत्री एन. रंगासामी द्वारा यह सीट छोड़े जाने के कारण कराया गया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शांतिपूर्ण रहा।
  • नगांव (असम लोकसभा सीट): असम की एकमात्र नगांव लोकसभा सीट पर 76.20% मतदान दर्ज किया गया। इस सीट पर कुल 19.05 लाख योग्य मतदाता थे और 15 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

 

सीटों के अनुसार अंतिम मतदान प्रतिशत

सीट का नामक्षेत्र / राज्यसीट का प्रकारमतदान प्रतिशत (%)
मदुरंतकमतमिलनाडुविधानसभा86.26%
नंदीग्रामपश्चिम बंगालविधानसभा80.89%
थट्टनचावडीपुडुचेरीविधानसभा80.81%
धारापुरमतमिलनाडुविधानसभा80.30%
रेजीनगरपश्चिम बंगालविधानसभा80.07%
नगांवअसमलोकसभा76.20%

 

9 अक्टूबर का परिणाम क्यों है महत्वपूर्ण?

इन छह सीटों के उपचुनाव के नतीजे केवल स्थानीय प्रतिनिधियों के चुनाव तक सीमित नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर के परिणाम राज्य के भावी राजनीतिक समीकरणों को आकार देंगे। वहीं तमिलनाडु और पुडुचेरी के नतीजे सत्तारूढ़ व विपक्षी दलों के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश साबित होंगे। असम में नगांव लोकसभा सीट का परिणाम भी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय राजनीति के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: 6 अक्टूबर 2026 को कितनी सीटों पर उपचुनाव हुआ?

उत्तर: कुल 6 सीटों पर उपचुनाव हुआ, जिसमें 5 विधानसभा सीटें (नंदीग्राम, रेजीनगर, मदुरंतकम, धारापुरम, थट्टनचावडी) और 1 लोकसभा सीट (नगांव, असम) शामिल हैं।

Q2: उपचुनाव के नतीजे कब घोषित किए जाएंगे?

उत्तर: मतगणना 9 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित होंगे।

Q3: किस सीट पर सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया?

उत्तर: तमिलनाडु की मदुरंतकम विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 86.26% मतदान दर्ज हुआ।

Q4: पुडुचेरी की थट्टनचावडी सीट पर उपचुनाव क्यों कराया गया?

उत्तर: यह सीट पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी द्वारा पद/सीट छोड़े जाने के कारण खाली हुई थी।

 

संबंधित लिंक्स (Related Links)

 

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह लेख 6 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुए उपचुनावों के प्राथमिक आंकड़ों और समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक अंतिम आंकड़ों व परिणामों के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की आधिकारिक घोषणा का संदर्भ लें।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।