रियाद।
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष अब एक बेहद घातक और खतरनाक चरण में प्रवेश कर चुका है। राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हालिया मिसाइल हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। हमलों में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया है, जबकि 300 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
रियाद के बाद दम्माम एयरपोर्ट भी निशाने पर
10 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले के ठीक अगले दिन, 11 अक्टूबर को हमलावरों ने टर्मिनल-4 को फिर से निशाना बनाया। इस नए हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई और 11 अन्य लोग घायल हो गए। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
खतरा अब केवल राजधानी तक सीमित नहीं है। पूर्वी सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया है कि उनके निशाने पर रियाद और दम्माम के हवाई अड्डों के साथ-साथ सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको (Aramco) की कई प्रमुख सुविधाएं भी हैं।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट
हूतियों द्वारा सऊदी एयरस्पेस को सैन्य अभियान क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भारी रुकावट आई है। कई वैश्विक एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों को रद्द या डायवर्ट कर दिया है।
मुख्य वैश्विक प्रभाव:
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी: अरामको प्रतिष्ठानों पर हमले के खतरे और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
- बाब–अल–मंदेब और समुद्री व्यापार: यमन के पास स्थित बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab-el-Mandeb Strait) खतरे में आने से एशिया और यूरोप के बीच होने वाले माल ढुलाई और बीमा लागत में भारी वृद्धि की संभावना है।
- सऊदी वायु रक्षा प्रणाली पर दबाव: लगातार हो रहे ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमलों ने सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम के सामने बड़ी सैन्य चुनौती खड़ी कर दी है।
अमेरिका और ईरान का रुख
इस बिगड़ते घटनाक्रम के बीच अमेरिकी प्रशासन ने हूतियों के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई में शामिल होने के संकेत दिए हैं। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने कूटनीतिक समाधान और वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश की है। स्थिति यदि और बिगड़ती है, तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित न रहकर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से रियाद में कड़े कदम उठाए गए हैं और स्कूलों में फिलहाल ऑनलाइन पढ़ाई का फैसला लिया गया है।
बार–बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
रियाद एयरपोर्ट हमले में कुल कितने लोगों की जान गई है?
रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगातार दो दिनों में हुए हमलों में कुल 13 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है।
क्या इस संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम प्रभावित हुए हैं?
जी हाँ, सऊदी अरामको के प्रतिष्ठानों पर खतरे और लाल सागर में तनाव के कारण ब्रेंट कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमत उछलकर लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
बाब–अल–मंदेब जलडमरूमध्य का व्यापार में क्या महत्व है?
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है। यह एशिया और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार और तेल टैंकरों की आवाजाही का सबसे प्रमुख मार्ग है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख उपलब्ध समाचार विवरणों और प्राथमिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। क्षेत्रीय स्थिति के अनुसार तथ्यों और आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
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