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अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर: 148 निर्माण कार्य पूर्ण, अब परकोटा और फसाड लाइटिंग पर ध्यान केंद्रित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

अयोध्या|

अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर का निर्माण अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, परिसर में प्रस्तावित कुल 150 छोटे-बड़े निर्माण कार्यों में से 148 कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। वर्तमान में इन पूर्ण हो चुके कार्यों से संबंधित जरूरी दस्तावेज, वित्तीय विवरण और हस्तांतरण (Handover) की औपचारिक प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

 

परकोटे का निर्माण अंतिम चरण में: 15 नवंबर तक का लक्ष्य

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मंदिर परिसर में अब मुख्य रूप से परकोटे का कुछ हिस्सा ही शेष बचा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण परकोटे की छत पर चल रहा वॉटर ट्रीटमेंट का काम थोड़ा प्रभावित हुआ था। मौसम सामान्य होते ही इस कार्य में तेजी लाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

निर्माण समिति ने 15 नवंबर तक परकोटे के सभी अवशेष कार्यों के साथ-साथ मुख्य मंदिर और परकोटे की भव्य फसाड लाइटिंग (Facade Lighting) को पूरा करने का समय-सीमा तय किया है। इस विशेष लाइटिंग योजना का मुख्य उद्देश्य मंदिर की पारंपरिक नागर शैली की स्थापत्य कला और दीवारों पर उकेरी गई सुंदर नक्काशी को रात के समय और भी आकर्षक व अलौकिक रूप प्रदान करना है।

 

निर्माण कार्यों के हस्तांतरण की व्यवस्थित प्रक्रिया

निर्माण एजेंसी द्वारा किसी भी ब्लॉक या संरचना का काम पूरा होने के बाद, उससे जुड़ी सभी तकनीकी ड्रॉइंग, डिजाइन, निर्माण अभिलेख और वित्तीय लेखा-जोखा ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को सौंपा जाता है।

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  1. निरीक्षण: ट्रस्ट के वरिष्ठ परियोजना इंजीनियर (Project Engineers) पूर्ण हुए निर्माण कार्यों की भौतिक जांच करते हैं।
  2. सत्यापन: सभी सुरक्षा मानकों, गुणवत्ता और अभिलेखों के सही पाए जाने पर सत्यापन रिपोर्ट तैयार की जाती है।
  3. हस्तांतरण (Handover): आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के उपरांत ही ट्रस्ट आधिकारिक रूप से निर्माण कार्य को अपने अधिकार में लेता है।

 

विजय स्तंभ, शहीद स्मारक और मध्वाचार्य द्वार का अपडेट

  • विजय स्तंभ और शहीद स्मारक: मंदिर परिसर के भीतर विजय स्तंभ और शहीद स्मारक का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में केवल इन क्षेत्रों के आसपास लैंडस्केपिंग और हॉर्टिकल्चर (बागवानी/सौंदर्यीकरण) से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं।
  • मध्वाचार्य द्वार: मंदिर परिसर में स्थापित हो रहे मध्वाचार्य द्वार का निर्माण लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। शेष 20 प्रतिशत कार्य को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए कारीगर निरंतर प्रयासरत हैं।

 

ऑडिटोरियम, म्यूजियम और वित्तीय समीक्षा

मंदिर परिसर के बाहर प्रस्तावित आधुनिक ऑडिटोरियम और म्यूजियम से जुड़ी प्रगति की भी निर्माण समिति द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही, विभिन्न ठेकेदारों के भुगतान, गुणवत्ता प्रमाणन और अन्य वित्तीय मामलों का समय पर निस्तारण करने के लिए आवश्यक बैठकें की जा रही हैं।

150 में से 148 कार्य पूर्ण होने के साथ ही अयोध्या राम मंदिर परिसर अपनी पूर्ण भव्यता और दिव्यता के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. राम मंदिर परिसर में कुल कितने निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं?

उत्तर: परिसर में प्रस्तावित कुल 150 छोटे-बड़े निर्माण कार्यों में से 148 कार्य पूरे हो चुके हैं।

Q2. परकोटा और फसाड लाइटिंग का काम कब तक पूरा होगा?

उत्तर: निर्माण समिति ने परकोटे के शेष कार्य और फसाड लाइटिंग को 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

Q3. मध्वाचार्य द्वार का निर्माण कितना प्रतिशत पूरा हुआ है?

उत्तर: मध्वाचार्य द्वार का निर्माण कार्य लगभग 80% पूरा हो चुका है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह समाचार लेख उपलब्ध प्राथमिक विवरणों और आधिकारिक वक्तव्यों पर आधारित है।

 

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।