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अविका गोर की टेलीविजन पर शाही वापसी, स्टार प्लस के ‘अप्सरा’ में बनेंगी अप्सराओं की रानी; 21 अक्टूबर से होगा प्रसारण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई, अक्टूबर, 2026: अप्सराओं की रानी के शाही अंदाज में टेलीविजन पर लौट रही हैं अविका गोर! स्टार प्लस की नई अलौकिक गाथा ‘अप्सरा’ का प्रसारण 21 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। शो का पहला एपिसोड भव्य होगा, जिसमें अविका एक ऐसे किरदार में नजर आएँगी, जिसमें शक्ति और गरिमा के साथ भावनाओं की गहराई भी देखने को मिलेगी। समुद्र मंथन से प्रेरित इस कहानी में उनका यह खास अंदाज दर्शकों को एक जादुई दुनिया से रूबरू कराएगा।

मुक्ता धोंड के इस शो की कहानी सुनहरी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार समीक्षा जायसवाल निभा रही हैं। अमृत की रक्षा करने और अपनों को बचाने के लिए सुनहरी बुरी शक्तियों से मुकाबला करती है। पारस कलनावत, अनुष्का मर्चेंडे और अदा खान भी इस शो का हिस्सा हैं। रहस्य, रोमांच और रिश्तों के भावनात्मक ताने-बाने से सजी इस दुनिया में फर्ज और प्यार के बीच हर कदम पर साहस की परीक्षा होगी।

इस किरदार को चुनने की वजह बताते हुए अविका कहती हैं, “मेरे लिए हमेशा ही किरदार और कहानी काफी ज्यादा मायने रखते हैं। मैं किस माध्यम में काम कर रही हूँ, यह कभी मेरे फैसले की सबसे बड़ी वजह नहीं रहा। जब मुझे इस किरदार के बारे में पता चला, तो उसकी कई परतों ने मुझे बेहद प्रभावित किया। वह शक्तिशाली है, उसकी मौजूदगी का अपना प्रभाव है, लेकिन उसकी अपनी कमजोरियाँ भी हैं। इस भूमिका ने मुझे रोमांस और एक्शन से लेकर भावुक दृश्यों और नृत्य तक, बहुत कुछ करने का मौका दिया।”

‘अप्सरा’ की इस काल्पनिक दुनिया का हिस्सा बनने के लिए अविका ने खास पोशाकों, आभूषणों और साज-सज्जा के साथ एक नया रूप भी अपनाया। उनके लिए इस अंदाज में ढलना अपने आप में एक खास अनुभव रहा। उनके लुक की हर बारीकी ने उन्हें किरदार को महसूस करने और उसमें उतरने में मदद की। शो की भव्य और अनूठी दुनिया का श्रेय वे मुक्ता धोंड और विक्रम घई को देती हैं। साथ ही, वे बताती हैं कि मनीष और अदा खान के साथ काम करने से यह अनुभव और भी यादगार बन गया।

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हालाँकि, इस सफर में अविका के लिए सबसे खास बात रही टेलीविजन पर वापसी करना। अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए, वे कहती हैं, “एक कलाकार के तौर पर मैंने टेलीविजन से बहुत कुछ सीखा है। यहीं मुझे खुद को निखारने और आगे बढ़ने के मौके मिले। वापस आकर एक बार फिर एहसास हुआ कि आप कितना भी आगे बढ़ जाएँ, खुद को कितना भी बदल लें या फिर अलग-अलग माध्यमों में काम करें, अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए।”

देखिए ‘अप्सरा’, बुधवार से रात 10:30 बजे, स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।