नई दिल्ली।
भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी 2026-27 में मिजोरम के 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने इतिहास की सबसे सुनहरी पारियों में से एक लिख दी है। नागालैंड के खिलाफ सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम (प्लेट ग्रुप) में खेले गए मुकाबले में सुतार ने मैराथन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए नाबाद 400 रन बनाए। इस ऐतिहासिक पारी के दम पर मिजोरम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 581 रन बनाकर घोषित की।
78 साल बाद भारतीय क्रिकेट में दोहराया गया इतिहास
भारतीय घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 रनों का आंकड़ा पार करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। रणजी ट्रॉफी के पूरे इतिहास में इससे पहले केवल एक ही बार किसी भारतीय बल्लेबाज ने यह कारनामा किया था।
वर्ष 1948-49 में महाराष्ट्र के दिग्गज भाऊसाहेब निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। ठीक 78 साल के लंबे इंतजार के बाद चिन्मय सुतार रणजी ट्रॉफी इतिहास में 400 रन का आंकड़ा छूने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
| रिकॉर्ड श्रेणी | बल्लेबाज | रन | विपक्षी टीम | वर्ष |
| सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर (रणजी ट्रॉफी) | बी. बी. निंबालकर | 443* | काठियावाड़ | 1948-49 |
| दूसरा सर्वोच्च स्कोर (रणजी ट्रॉफी) | चिन्मय सुतार | 400* | नागालैंड | 2026-27 |
| तीसरा सर्वोच्च स्कोर (रणजी ट्रॉफी) | पृथ्वी शॉ | 379 | असम | 2022-23 |
संयम और आक्रामकता का अद्भुत संगम: 517 गेंदों पर 400 रन
चिन्मय सुतार ने अपनी 400 रनों की नाबाद पारी में धैर्य और विस्फोटक बल्लेबाजी का बेहतरीन संतुलन पेश किया। उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और 7 छक्के जड़े।
अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने 10वें विकेट के लिए लालरेमपुइया छकछुआक (14*) के साथ नाबाद 190 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की। इस साझेदारी में 169 रन अकेले चिन्मय के बल्ले से निकले।
चिन्मय सुतार की ऐतिहासिक पारी के मुख्य आंकड़े:
- कुल रन: 400* (नाबाद)
- सामना की गई गेंदें: 517
- चौके: 46
- छक्के: 07
- स्ट्राइक रेट: 77.37
- टीम का घोषित स्कोर: 581/9 (मिजोरम)
ब्रायन लारा और डॉन ब्रैडमैन के एलीट क्लब में प्रवेश
विश्व प्रथम श्रेणी (First-Class) क्रिकेट के इतिहास में 400 या उससे अधिक रन बनाने वाले दुनिया भर में अब तक केवल 10 ही खिलाड़ी हुए हैं। चिन्मय सुतार अब इस एलीट सूची में सर ब्रायन लारा (501* और 400*), सर डॉन ब्रैडमैन (452*) और हनीफ मोहम्मद (499) जैसे ऑल-टाइम महान दिग्गजों के साथ खड़े हो गए हैं।
मुंबई से मिजोरम तक का प्रेरणादायक सफर
मुंबई के पूर्व क्रिकेटर और कोच राजेश (राजू) सुतार के बेटे चिन्मय ने घरेलू करियर की शुरुआत मुंबई से की थी। 15 साल की उम्र में टीबी (TB) की गंभीर बीमारी के कारण उन्हें सालभर मैदान से दूर रहना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने वापसी करते हुए भारत की अंडर-23 इमर्जिंग टीम में जगह बनाई और शतक भी जड़ा।
T20 मुंबई लीग 2025 में ऑरेंज कैप जीतने के बाद, मुंबई टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते उन्होंने एनओसी (NOC) ली और मिजोरम की टीम का रुख किया। अपने पहले प्रथम श्रेणी मैच (मणिपुर के खिलाफ) में 99 रन पर रन आउट होने वाले सुतार ने अपने करियर के दूसरे ही फर्स्ट-क्लास मैच में 400 रन ठोक कर दुनिया को चौंका दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर किसका है?
उत्तर: रणजी ट्रॉफी में सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड भाऊसाहेब निंबालकर के नाम है, जिन्होंने 1948-49 में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए नाबाद 443 रन बनाए थे।
Q2. चिन्मय सुतार ने 400 रन की पारी में कितनी बाउंड्री लगाईं?
उत्तर: चिन्मय सुतार ने अपनी 400 रन की पारी में 46 चौके और 7 छक्के लगाए।
Q3. चिन्मय सुतार घरेलू क्रिकेट में किस टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं?
उत्तर: चिन्मय सुतार रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन में मिजोरम क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले वह मुंबई के लिए खेल चुके हैं।
Disclaimer
यह लेख सूचनात्मक और समाचार उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। क्रिकेट मैचों के आंकड़े, स्कोरबोर्ड और रिकॉर्ड्स आधिकारिक टूर्नामेंट आयोजकों (BCCI) के आंकड़ों पर आधारित हैं।
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