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काशी के आसमान में वायुसेना का शौर्य: ‘विंग्स ओवर गंगा’ में दिखेगा 6 फाइटर जेट्स का पहला ऐतिहासिक ‘एरोहेड’ फॉर्मेशन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

वाराणसी।

धर्म, संस्कृति और अध्यात्म की नगरी काशी का आसमान भारतीय वायुसेना (IAF) की प्रचंड गर्जना और अद्भुत हवाई करतबों का गवाह बनने जा रहा है। वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य एरियल डिस्प्ले ‘विंग्स ओवर गंगा’ (Wings Over Ganges) को लेकर तैयारियां चरम पर पहुंच चुकी हैं।

नमो घाट से अस्सी घाट के बीच गंगा नदी के ऊपर रिहर्सल पूरी कर ली गई है, जहाँ विमानों की गड़गड़ाहट और सटीक फॉर्मेशन ने लोगों को रोमांचित कर दिया। इस ऐतिहासिक आयोजन से संबंधित विस्तृत जानकारी, मुख्य आकर्षण और ताज़ा अपडेट्स नीचे दिए गए हैं।

 

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‘विंग्स ओवर गंगा‘ एयर शो के प्रमुख आकर्षण

 

6 अलग–अलग लड़ाकू विमानों का ‘प्रचंड‘ एरोहेड फॉर्मेशन

इस शो का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण छह अलग-अलग पीढ़ियों के लड़ाकू विमानों का एक साथ ‘एरोहेड’ (तीर के आकार) में उड़ान भरना है। भारतीय वायुसेना के इतिहास में पहली बार यह देखने को मिलेगा कि:

  • सुखोई–30 MKI
  • राफेल (Rafale)
  • LCA तेजस
  • मिराज–2000
  • जगुआर
  • मिग–29

ये छह प्रमुख फाइटर जेट्स एक ही फॉर्मेशन में गंगा के ऊपर उड़ते हुए भारत की बढ़ती हवाई ताकत और पायलटों के बेमिसाल तालमेल का प्रदर्शन करेंगे।

 

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100 विमानों और 12 एयरबेस का संयुक्त सामर्थ्य

इस भव्य शो में लगभग 100 विमान भाग ले रहे हैं, जिनका संचालन 12 अलग-अलग एयरबेस से किया जा रहा है। लड़ाकू विमानों के अलावा इसमें:

  • हेलीकॉप्टर व ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट: LCH प्रचंड, IL-76, IL-78, C-295 और AN-32 शामिल हैं।
  • त्रि–सेवा तालमेल: भारतीय नौसेना और थल सेना के विमान भी इसमें शामिल होकर संयुक्त अभियान क्षमता (Jointness) का प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

सूर्यकिरण और सारंग टीम के रोमांचक स्टंट

  • सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT): 9 हॉक MK-132 विमानों के साथ आसमान में तिरंगे रंग के धुएं के साथ लूप, रोल और मशहूर ‘DNA’ फॉर्मेशन बनाएगी।
  • सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम: HAL ध्रुव हेलीकॉप्टरों से नदी के ऊपर सटीक पिरामिड और क्रॉस-ओवर मैन्यूवर प्रदर्शित करेगी।

 

काशी की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े फॉर्मेशन

सैन्य शक्ति के साथ काशी की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक धरोहर को जोड़ने के लिए वायुसेना ने हवाई फॉर्मेशन के नाम पौराणिक संदर्भों पर रखे हैं:

काशी, केदार, महादेव, विश्वनाथ, नीलकंठ, हनुमान, पशुपति और गंगा।

 

आयोजन का विस्तृत कार्यक्रम एवं टाइमलाइन

तिथिकार्यक्रम सेगमेंटविवरण
21 अक्टूबरफुल ड्रेस रिहर्सलरूट कैलिब्रेशन और सभी विमानों का संयुक्त अभ्यास।
22 अक्टूबरस्कूली छात्रों के लिए शोस्कूली बच्चों और युवाओं को प्रेरणा देने हेतु विशेष सत्र।
24 अक्टूबरपब्लिक एरियल डिस्प्लेआम जनता और पर्यटकों के लिए मुख्य पूर्वाभ्यास प्रदर्शन।
25 अक्टूबरग्रैंड मेगा फ़िनालेनमो घाट पर मुख्य आयोजन; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वीआईपी की मौजूदगी।

 

संबंधित और ताज़ा समाचार लिंक

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Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: वाराणसी एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा‘ का आयोजन कब और कहाँ हो रहा है?

उत्तर: यह आयोजन 22 से 25 अक्टूबर के दौरान वाराणसी के नमो घाट (खिड़किया घाट) से लेकर अस्सी घाट के मध्य गंगा नदी के ऊपर आयोजित किया जा रहा है।

Q2: इस एयर शो में कौन–कौन से लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं?

उत्तर: इसमें राफेल, सुखोई-30 MKI, LCA तेजस, मिराज-2000, जगुआर और मिग-29 मुख्य रूप से शामिल हैं।

Q3: एरोहेड फॉर्मेशन क्या है?

उत्तर: एरोहेड फॉर्मेशन में लड़ाकू विमान आसमान में तीर (Arrowhead) के आकार में एक साथ उड़ते हैं। इस शो में पहली बार 6 अलग-अलग प्रकार के जेट्स एक साथ यह फॉर्मेशन बनाएंगे।

Q4: एयर शो देखने के लिए सबसे अच्छे स्थान कौन से हैं?

उत्तर: नमो घाट, राजघाट, अस्सी घाट और गंगा नदी में अनुमत नौकाएं (Boats) इस एरियल डिस्प्ले को देखने के लिए सबसे बेहतर स्थान हैं।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स, भारतीय वायुसेना द्वारा जारी जानकारियों और आधिकारिक घोषणाओं पर आधारित है। मौसम या सुरक्षा कारणों से एयर शो के समय और विमानों के उड़ानों में अंतिम समय पर बदलाव संभव है। दर्शकों से अनुरोध है कि वे स्थानीय प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।