कानपुर।
उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने कानपुर से एक युवक को गिरफ्तार कर एक ऐसे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो फर्जी ईमेल आईडी बनाकर विदेशों में बेचता था। आरोपी के लैपटॉप से लगभग 5 लाख फर्जी ईमेल अकाउंट्स, उनके पासवर्ड और रिकवरी डेटा बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इन फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल देश के विभिन्न स्कूलों और मुंबई मेयर कार्यालय को भेजी गई बम धमकियों में किया गया था।
2021 से सक्रिय था आरोपी, विदेशों तक फैला था नेटवर्क
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार युवक वर्ष 2021 से इस गैर-कानूनी काम में लगा हुआ था। वह सॉफ्टवेयर और ऑटोमेटेड टूल्स की मदद से बड़े पैमाने पर फर्जी ईमेल आईडी तैयार करता था और उन्हें विदेश में बैठे खरीदारों को बेचता था।
डिजिटल जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी के तार पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्किये और मिस्र जैसे देशों में बैठे लोगों से जुड़े हुए थे। एटीएस अब क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन के माध्यमों की गहनता से जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि इस काम के बदले आरोपी को भुगतान किस रास्ते से होता था।
स्कूलों और मुंबई मेयर कार्यालय को मिली बम धमकियों से कनेक्शन की जांच
हाल के महीनों में देश के कई प्रमुख स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकियां ईमेल के जरिए भेजी गई थीं।
- मुंबई मेयर कार्यालय धमकी केस: अक्टूबर में मुंबई मेयर कार्यालय को एक धमकी भरा ईमेल मिला था। जांच में पाया गया है कि उसमें इस्तेमाल की गई ईमेल आईडी के साक्ष्य आरोपी के डिजिटल उपकरणों से मेल खाते हैं।
- स्कूलों को धमकी भरे ईमेल: एटीएस यह पता लगा रही है कि क्या आरोपी केवल ईमेल आईडी बेचने वाला सप्लायर था या इन धमकियों की साजिश में उसकी भी सीधी भूमिका थी।
डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच तेज
एटीएस ने आरोपी के पास से बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन को फोरेंसिक लैब भेज दिया है। जांच टीम निम्नलिखित बिंदुओं पर काम कर रही है:
- डेटा रिकवरी: 5 लाख फर्जी ईमेल आईडी में से कितनी बेची जा चुकी हैं और उनका इस्तेमाल किन-किन अवैध गतिविधियों में हुआ।
- सोशल मीडिया व चैट बैकअप: विदेशों में बैठे खरीदारों और मुख्य साजिशकर्ताओं के साथ हुई बातचीत (Chats) और सोशल मीडिया लिंक खंगालना।
- वित्तीय साक्ष्य: फर्जी खातों की बिक्री से अर्जित धन और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट्स की ट्रैकिंग।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. यूपी एटीएस ने कानपुर में किसे और क्यों गिरफ्तार किया है?
उत्तर: यूपी एटीएस ने कानपुर से एक युवक को 2021 से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर विदेशों में बेचने और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल के आरोप में गिरफ्तार किया है।
Q2. आरोपी के पास से कितना डेटा बरामद हुआ है?
उत्तर: आरोपी के लैपटॉप से लगभग 5 लाख फर्जी ईमेल आईडी, पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स का डेटा बरामद हुआ है।
Q3. क्या इस गिरफ्तारी का संबंध स्कूलों को मिली बम धमकियों से है?
उत्तर: हां, एटीएस यह जांच कर रही है कि देश के स्कूलों और मुंबई मेयर दफ्तर को भेजे गए धमकी भरे ईमेल में आरोपी द्वारा बनाई गई फर्जी आईडी का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।
उपयोगी लिंक (Relevant Links)
- मातृभूमि समाचार मुख्य पृष्ठ: Matribhumi Samachar Official Portal
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख प्राथमिक जांच रिपोर्टों और मीडिया स्रोतों पर आधारित है। मामले में अंतिम भूमिका और तथ्य एटीएस (ATS) की फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही कानूनी रूप से स्पष्ट होंगे।

