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गटर में काम कर रहे लोगों से मिलने के लिए बिल गेट्स खुद उतरे सीवर में

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. सोशल मीडिया पर हाल ही में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बिल गेट्स (Bill Gates) गटर में नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को देखकर सभी के मन में एक सवाल आ रहा है कि आखिर बिल गेट्स गटर में क्यों गए हैं. वर्ल्ड टॉयलेट डे के दिन माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ ने कुछ ऐसा किया, जिसको देखकर सभी हैरान है.

Bill Gates ब्रुसेल्स के सीवर के अंदर चले गए. बता दें वहां के इतिहास को सभी के सामने लाने के लिए उन्होंने ऐसा किया है. इसका पता लगाने के लिए वह सीवर में चले गए. वहां पर उन्होंने ब्रुसेल्स के एक मैनहोल के जरिए भूमिगत सीवर सिस्टम में एंट्री की और वहां काम करने वाले लोगों के साथ इसके इतिहास के बारे में बातचीत की थी. और वहां के बारे में पता लगया है.

बिल गेट्स ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने इंस्टा अकाउंट पर शेयर किया है. इस वीडियो के कैप्शन में गेट्स ने लिखा है कि #WorldToiletDay पर ब्रसेल्स के सीवर सिस्टम का इतिहास पता लगाने आए हैं. इसके साथ ही उन्होंने ग्लोबल हेल्थ में बेस्ट वॉटर रोल के बारे में पता लगाने की कोशिश की है.

वीडियो में कई वैज्ञानिकों से मिलते दिखे गेट्स

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वीडियो में बिल गेट्स सीवर के अंदर कई वैज्ञानिकों से मिले. इसके अलावा उन्होंने वहां पर शहर के वॉटर बेस्ट सिस्टम के बारे में पता लगाया है और उसको समझने की कोशिश की है. यहां पर सीवर और ट्रीटमेंट प्लांट का 200 मीटर लंबा नेटवर्क है. इस नेटवर्क के जरिए ही शहर के कचरे को प्रोसेस किया जाता है.

अंडरग्राउंड विजिट से मिली ये जानकारियां

बिल गेट्स ने आगे बताया कि ब्रुसेल्स के अंडरग्राउंड विजिट के बाद में उनको काफी कुछ पता चला है. उन्होंने कहा कि शहर के गंदा पानी के प्रबंधन का ये सिस्टम काफी पुराना है. इसके जरिए लोगों के स्वास्थय को भी फायदा मिल रहा है. साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी अच्छा असर पड़ रहा है. सन 1800 के समय में शहर में सीवेज के गंदे पानी को सीधे ही नदी में छोड़ दिया जाता था, जिसकी वजह से कई तरह की बीमारियां पैदा हो जाती थी.

इसके साथ ही गंदे पानी को ऐसे छोड़ने से शहर में विनाशकारी हैजा भी फैल गया था. इस तरह की समस्याओं को रोकने के लिए ब्रुसेल्स में सीवर का 200 मील का नेटवर्क शहर के बीच में से होकर तैयार किया गया है. वैज्ञानिकों के साथ ही उन्होंने यहां के कर्मचारियों से भी बात की है.

साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।