लोड हो रहा है...

मुस्लिम महिला ने तीन तलाक और हलाला के डर से अपनाया सनातन धर्म, मांगी सुरक्षा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. तीन तलाक व हलाला के डर से महिला शिक्षक ने सनातन धर्म स्वीकार कर घर छोड़ दिया। इस बीच स्वजन ने उसके सहकर्मी पर बारादरी थाने में अपहरण की प्राथमिकी लिखी दी। इस पर मुखर होकर महिला शिक्षक सामने आई और वीडियो जारी कर पूरा घटनाक्रम बयां किया। मुख्यमंत्री, डीएम व एसएसपी से सुरक्षा की मांग की। साथ ही कहा कि उसके सहकर्मी पर स्वजन ने जो झूठी प्राथमिकी लिखाई है। उसे खत्म किया जाए।

बरेली के बारादरी क्षेत्र निवासी महिला शिक्षक ने बताया कि स्वजन एक ऐसे व्यक्ति से उसका निकाह कराना चाहते थे जिसने पत्नी को तलाक दिया। हलाला के बाद पत्नी को स्वीकारा और फिर तलाक दे दिया। ऐसे व्यक्ति से निकाह की बात का विरोध किया तो स्वजन ने उत्पीड़न शुरू कर दिया। तंग आकर स्वजन के परित्याग का फैसला कर लिया। घर छोड़कर छह नंवबर को मुस्लिम धर्म त्यागकर वैदिक रीति रिवाज से सनातन हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया।

इस फैसले से नाराज कट्टरपंथी परिवार, उलेमा व मुस्लिम धर्म के ठेकेदारों ने बारादरी थाने में सहकर्मी के विरुद्ध अपहरण की धारा में झूठा मुकदमा लिखा दिया। वीडियो जारी करते हुए महिला शिक्षक ने कहा कि उन्हें स्वजन से जान का खतरा है। स्वजन कभी भी हत्या करा सकते हैं। ऐसे में पुलिस सुरक्षा प्रदान करे। साथी के विरुद्ध लिखे झूठे मुकदमे को खत्म करे। कहा कि यदि उसके साथ कोई अनहोनी हुई तो उसके जिम्मेदार स्वजन व उलेमा होंगे।

मंदिर में पूजा-पाठ के फोटो प्रसारित

महिला शिक्षक ने वीडियो के जरिये बताया कि उनकी शुरू से ही सनातन धर्म में आस्था थी। वह कलावा पहनती थीं। जिसका कट्टरपंथी विरोध करते थे। चर्चित घटनाक्रम के बीच महिला शिक्षक के मंदिर में पूजा-पाठ कर निकलते फोटो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। महिला शिक्षक की मां ने मामले में मोहित सिंह नाम के व्यक्ति पर अपहरण की धारा में प्राथमिकी लिखाई है। साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। -अमित पांडेय, इंस्पेक्टर, बारादरी

- Advertisement -

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।