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भारत में भी दिखा अफगानिस्तान में आए भूकंप का असर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गुरुवार (11 जनवरी) की दोपहर को भूकंप के झटके महसूस किए गए. दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और जम्मू कश्मीर में इसकी तीव्रता काफी कम थी. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान था और यहां इसकी तीव्रता 6.1 मापी गई. भूकंप के झटके गुरुवार की दोपहर को दो बजकर 50 मिनट पर महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने कहा कि भूकंप का केंद्र काबुल से 241 किलोमीटर उत्तर पूर्व में था. भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई. दिल्ली और NCR में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस होने की बात कही. इसका वीडियो भी सामने आया है. इसमें देखा जा सकता है कि पंखा हिल रहा है.

पाकिस्तान ने क्या कहा?
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था. छह तीव्रता का भूकंप दोपहर 2:20 बजे (स्थानीय समय) आया. इसका केंद्र हिंदूकुश क्षेत्र में 213 किलोमीटर की गहराई पर था.

भूकंप के दौरान क्या करें
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, भूकंप के दौरान घबराएं नहीं, शांत रहें. टेबल के नीचे जाएं और एक हाथ से अपने सिर को ढकें. बाहर आने के बाद इमारतों, पेड़ों और खंभों से दूर रहें. इसके अलावा लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करें. आप गाड़ी के अंदर है तो इसे रोककर झटके समाप्त होने तक अंदर ही रहें. भूकंप के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में ना जाएं और सीढियों का प्रयोग करें. आप मलबे में फंस गए हैं तो माचिस नहीं जलाएं. भूकंप के नुकसान से बचने के लिए समय-समय पर दीवारों और छतों की दरारों की मरम्मत कराएं.

साभार : एबीपी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।