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पाकिस्तान ने वापस बुलाए अपने राजदूत, ईरान ने भी राजनयिक को बुलाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. ईरान के द्वारा पाकिस्तान (Pakistan) पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical strike) के बाद दोनों देशों के बीच तनाव देखने को मिल रहे हैं. पाकिस्तान ने ईरान से अपने राजदूत को वापस बुलाने का निर्णय लिया है. पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान द्वारा पाकिस्तान की संप्रभुता पर अकारण हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का उल्लंघन है. पाकिस्तान ने कहा है कि यह गैरकानूनी कृत्य पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसका कोई भी औचित्य नहीं है. पाकिस्तान इस अवैध कृत्य पर प्रतिक्रिया देने का अधिकार सुरक्षित रखता है. पाकिस्तान ने कहा है कि परिणामों की ज़िम्मेदारी पूरी तरह से ईरान की होगी.

ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी

पाकिस्तान ने बलूचिस्तान प्रांत में एक सुन्नी आतंकी संगठन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए जाने पर ईरान को ‘‘गंभीर परिणाम” भुगतने की चेतावनी दी है. ईरान के इन हमलों में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. ईरानी मीडिया ने बताया कि पाकिस्तान में आतंकवादी समूह जैश-अल-अदल के दो ठिकानों को मंगलवार को मिसाइलों से निशाना बनाया. यह कार्रवाई रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा इराक और सीरिया में किए गए हमलों के एक दिन बाद की गई. पाकिस्तान ने ‘‘अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन” की कड़ी निंदा करते हुए ईरान के प्रभारी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया. पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान का यह कृत्य उसके ‘‘हवाई क्षेत्र का अकारण उल्लंघन” है.

पश्चिम एशिया में हमास और इजराइल के युद्ध के कारण पहले से ही स्थिति तनावपूर्ण है, ऐसे में ईरान के इन हमलों ने चिंता और बढ़ा दी है. ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने कहा, ‘पाकिस्तान में जैश-अल-धुल्म (जैश-अल-अदल) आतंकवादी समूह के दो प्रमुख ठिकानों को विशेष रूप से लक्षित किया गया और सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया गया.”

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जैश-अल-अदल आतंकवादी समूह के ठिकानों पर हुई कार्रवाई

ईरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि जैश-अल-अदल आतंकवादी समूह उसके सुरक्षाबलों पर हमले करने के लिए पाकिस्तान की भूमि का इस्तेमाल कर रहा है और बलूचिस्तान के सीमावर्ती शहर पंजगुर में इसके ठिकाने हैं. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस घटना को ‘अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन’ करार देते हुए कहा कि इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. विदेश कार्यालय ने कहा, ‘‘पाकिस्तान अपनी संप्रभुता के उल्लंघन का कड़ा विरोध करता है. यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.”

ईरान के गृह मंत्री अहमद वाहिदी ने क्या कहा? 

ईरान के गृह मंत्री अहमद वाहिदी के अनुसार, पिछले महीने, दक्षिण पूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में एक थाने पर रात में हुए हमले में कम से कम 11 ईरानी पुलिस अधिकारी मारे गए थे.  उन्होंने इस घटना के लिए जैश अल-अदल को जिम्मेदार बताया.  उन्होंने दावा किया कि जैश के आतंकवादी पंजगुर के पास पाकिस्तान की ओर से सिस्तान में दाखिल हुए थे.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।