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योगी आदित्यनाथ ने गन्ने के मूल्य में की 20 रुपये की वृद्धि

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) से ठीक पहले यूपी सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ा तोहफा दे दिया है. राज्य के किसान लंबे समय से गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसको अब योगी सरकार ने पूरा कर दिया है. यूपी सरकार ने गुरुवार को गन्ने के लिए राज्य परामर्श मूल्य (SAP) 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है. इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद बैठक में लिया गया. चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि गन्ने के दाम में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है. अगेती किस्म की कीमत अब 370 रुपये प्रति क्विंटल होगी जबकि सामान्य किस्म का दाम 360 रुपये होगा.

6 सालों में 55 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा

अबतक गन्ने की अगेती किस्म का खरीद मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का खरीद मूल्य 340 रुपये प्रति क्विंटल था. उन्होंने कहा कि पिछले छह साल में योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ना मूल्य में 55 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है.

2017 में 315 रुपये थी कीमत

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2017 में गन्ने की कीमत 315 रुपये प्रति क्विंटल थी. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में राज्य में चीनी मिलें बंद होने के कगार पर थीं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 42 लाख परिवार हैं जो गन्ने की खेती करते हैं और 45 लाख मजदूर इस काम में लगे हैं.

2022 में आखिरी बार हुई थी बढ़ोतरी

2022 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश सरकार ने गन्ने के एसएपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद संशोधित कीमत बढ़कर 350 रुपये प्रति क्विंटल हो गई.

साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।