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रावलपिंडी कमिश्नर ने पाकिस्तान चुनाव में धांधली की बात स्वीकार कर दिया इस्तीफा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के चुनाव में हुई बड़ी धांधली का पर्दाफाश होना अब शुरू हो गया है. रावलपिंडी के कमिश्नर ने इसके बारे में बड़ा आरोप लगाते हुए और इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है. रावलपिंडी के कमिश्नर ने कहा कि जो उम्मीदवार 80 हजार वोटों से आगे थे, उन्हें जबरन हराया गया है. इसके बाद अब इमरान खान की पार्टी पीटीआई जल्द से जल्द चुनाव आयुक्त के इस्तीफा की मांग कर सकती है. पाकिस्तान में 8 फरवरी को हुए चुनाव में खुलकर धांधली के आरोप लगे हैं. बहरहाल अब पाकिस्तान के एक वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट ने इन आरोपों को कबूल किया है.

पाकिस्तान में 8 फरवरी को आम चुनाव हुए थे. अब इस चुनाव में हुई धांधली की बातें सामने आ रही हैं. धांधली के आरोप को मानते हुए रावलपिंडी के कमिश्नर ने इस्तीफा देने के साथ ही कई संगीन आरोप लगाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चीफ जस्टिस इस चुनावी धांधली में शामिल थे. रावलपिंडी के कमिश्नर लियाकत अली चट्ठा ने धांधली की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. चट्ठा की ओर से यह टिप्पणी तब आई है जब जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने 8 फरवरी के चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया है.

देश की पीठ में छुरा घोंपा गया

उन्होंने रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘जो उम्मीदवार हार रहे थे, उन्हें जिताया गया.’ उन्होंने कहा कि ‘मैं इस सारे गलत काम की जिम्मेदारी ले रहा हूं और आपको बता रहा हूं कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चीफ जस्टिस भी इसमें शामिल हैं.’ उन्होंने धांधली के आरोपों को कबूल करने के बाद इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि इमरान के समर्थन वाले जो निर्दलीय उम्मीदवार 80 हजार वोटों से आगे थे, उन्हें जानबूझकर जाली मोहर से हरवाया गया. उन्होंने कहा कि ‘देश की पीठ में छुरा घोंपना उन्हें सोने नहीं देता है.’

इमरान पर भड़की नवाज की पार्टी

पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएल-एन) ने आठ फरवरी को हुए आम चुनाव में कथित ‘धांधली’ के मामले में अमेरिका से हस्तक्षेप करने की मांग को लेकर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी की आलोचना की है. पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने कहा कि ‘यह पाकिस्तान की संप्रभुत्ता के खिलाफ है.’ पीएमएल-एन नेता मरियम औरंगजेब ने अमेरिका को आमंत्रित करने के लिए खान और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी को आड़े हाथ लिया.

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साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।