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केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक पर कूचबिहार में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने किया हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

कोलकाता. भारतीय निर्वाचन आयोग के द्वारा 16 मार्च को देश में लोकसभा चुनाव 2024 का शंखनांद कर दिया। पुरे देश में 7 चरणों में चुनाव कराए जाएंगे जो 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून को खत्म होगा। साथ ही चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव के दौरान हिंसा ना करने की चेतावनी और आग्रह भी किया। परंतु पिछले कुछ चुनावों पश्चिम बंगाल में भयावह हिंसा देखने को मिली है। जिसके बाद ऐसा लगता है कि इस बार भी हिंसा से ये सूबा अछूता नहीं रहेगा। दरअसल, लोकसभा चुनाव से पहले कूचबिहार में फिर से सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी दल बीजेपी के बीच झड़प हो गई।

टीएमसी-बीजेपी ने एक दूसरे पर लगाया आरोप

बता दें कि, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच झड़प के बाद इलाके में तनाव फैल गया। उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशित प्रमाणिक ने एक-दूसरे पर हिंसा का आरोप लगाया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के कई लोग इस राजनीतिक संघर्ष में घायल हो गए। इस झड़प में दिनहाटा के एसडीपीओ भी घायल हो गए हैं। वहीं एक वीडियो में दोनों मंत्री व्यावहारिक रूप से एक-दूसरे की ओर दौड़ते हुए नजर आ रहे हैं।

इलाके में तनावपूर्ण स्थिति

दरअसल, दिनहाटा निगम नगर इलाके में मंगलवार (19 मार्च) को एक पार्टी कार्यक्रम से घर जाते समय केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और कूच बिहार लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी निसिथ के सुरक्षा गार्डों के साथ तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों की झड़प हो गई। वहीं इस स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में दिनहाटा उपमंडल पुलिस अधिकारी धीमान मित्रा और कई अन्य घायल हो गए। बता दें कि, दोनों पक्षों के भिड़ने से पूरा इलाका युद्ध का मैदान बन गया। पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

साभार : इंडिया न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।