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चुनाव आयोग ने आतिशी को नोटिस भेज भाजपा पर लगाए आरोप पर मांगा जवाब

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के एक नेता ने उनके करीबी से संपर्क साधा है। उनको बोला है कि आतिशी को अपना करियर बचा के रखना है तो वह जल्द भाजपा में शामिल हो जाएं। आप मंत्री के आरोपों पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है और आतिशी को एक नोटिस भेजा है। आतिशी को सोमवार यानी 8 अप्रैल तो दोपहर तक जवाब देने के लिए कहा है। इससे पहले भाजपा ने आतिशी को मानहानि का नोटिस भेजा था।

आतिशी ने आरोप लगाया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफर आया है। करीबी व्यक्ति के माध्यम से उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए संपर्क किया गया है। उन्हें कहा गया है कि भाजपा में शामिल होकर राजनीतिक करिअर बचा लो, अन्यथा महीने भर में ईडी गिरफ्तार कर लेगी। कुछ दिनों में उनके आवास, रिश्तेदारों व परिवार वालों के घर रेड होगी और समन भेजे जाएंगे। आतिशी ने दावा करते हुए कहा कि ईडी मेरे घर पर छापेमारी कर सकती है और आने वाले दिनों में मुझे भी जेल में डाला जा सकता है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि सौरभ और राघव चड्ढा को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपना इस्तीफा नहीं देंगे।

दिल्ली कि मंत्री आतिशी ने आगे कहा है कि भाजपा के एक नेता ने उनके करीबी को बोला है कि भाजपा में शामिल हो जाएं, अन्यथा उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। उन्हें मालूम हुआ कि भाजपा आम आदमी पार्टी को कुचलना चाहती है। इस कड़ी में उनके साथ-साथ सौरव भारद्वाज, राघव चड्ढा और दुर्गेश पाठक को जल्दी ही गिरफ्तार किया जाएगा। उनके घरों पर भी रेड की जाएगी और फिर समन भेज कर तलब किया जाएगा। उस दौरान उन्हें गिरफ्तार करने की योजना है।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।