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नवाज शरीफ के करीबी विदेश मंत्री इशाक डार बने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार को सरकार में अब नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें पाकिस्तान का उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। कैबिनेट डिवीजन द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, डार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आदेश से उप प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है।

नवाज शरीफ के चहेते हैं डार

बता दें, डार कश्मीरी मूल के नागरिक हैं। वे पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के वरिष्ठ नेता हैं। वह पार्टी प्रमुख और तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के विश्वासपात्र भी माने जाते हैं।

भारत के साथ व्यापार करने को लेकर उत्सुक रहे डार

पाकिस्तान के विदेश मंत्री के रूप में डार ने पिछले माह के आखिर में कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच अगस्त 2019 से व्यापार संबंध रुके हुए हैं। इन संबंधों को बहाल करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने भारत के साथ व्यापार गतिविधियों को शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कारोबारी भारत के साथ फिर से व्यापार शुरू करना चाहते हैं। डार के अनुसार पाकिस्तान भारत के साथ व्यापार संबंध बहाल करने पर गंभीरता से विचार करेगा।

वित्त मंत्री के रूप में डार की काफी आलोचना

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले, पिछली दो सरकारों में डार वित्त मंत्री रह चुके हैं। वित्त मंत्री के तौर पर डार की काफी आलोचना हुई थी। पाकिस्तान में आए आर्थिक संकट के कारण उनका काफी विरोध हुआ था। कहा जाता है कि आईएमएफ की चिंताओं को नजरअंदाज करने के कारण पाकिस्तान की वित्तीय हालत खराब हुई है। शुरुआत में अंदरखाने चर्चाएं थीं कि उन्हें संसद के ऊपरी सदन सीनेट का अध्यक्ष बनाया जा सकता है लेकिन पीपीपी के साथ गठबंधन के बाद सीनेट अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाएं खत्म हो गईं थी। दरअसल, गठबंधन के कारण सीनेट अध्यक्ष का पद पीपीपी की झोली में चला गया। इसके बाद उन्हें विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।