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मेयर चुनाव को लेकर भाजपा पार्षदों के हंगामे के कारण का एमसीडी का सदन स्थगित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम में सोमवर को सदन की बैठक शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया. बीजेपी पार्षदों ने सदन में मेयर चुनाव का मसला उठाया. वे इस मसले पर बहस की मांग कर रहे थे. इस पर ऐतराज होते ही बीजेपी के पार्षद सदन के अंदर नारेबाजी करने लगे. बीजेपी के पार्षद हाथ में पोस्ट और बैनर लेकर नारेबाजी कर रहे हैं. ​बीजेपी पार्षदों की वजह से संदन की बैठक पूरी तरह से बाधित है. बीजेपी के पार्षदों ने सदर के अंदर आम आदमी पार्टी के राज्यसभी सांसद स्वाति मालीवाल का मसला भी उठाया है. फिलहाल, बीजेपी पार्षदों के हंगामे को देखते हुए मेयर ने सदन को स्थगित कर दिया है.

AAP ने बीजेपी को बताया दलित विरोधी

बीजेपी के पार्षद मेयर से हाउस टैक्स में बढ़ोतरी वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं. साथ ही ये नारे लगा रहे हैं कि महापौर शर्म करो. दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के पार्षद भी अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लिए हुए हैं. आप नेताओं ने बीजेपी को दलित विरोधी बताया है. आप पार्षदों ने बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या का भी आरोप लगाया.  बीजेपी के पार्षद मेयर से हाउस टैक्स में बढ़ोतरी वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं. साथ ही ये नारे लगा रहे हैं कि महापौर शर्म करो. दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के पार्षद भी अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लिए हुए हैं. आप नेताओं ने बीजेपी को दलित विरोधी बताया है. आप पार्षदों ने बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या का भी आरोप लगाया.

LG ने कर दिया था पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने इनकार

दरअसल, एमसीडी मेयर चुनाव कराने के लिए 26 अप्रैल 2024 को सदन की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने इसके लिए जरूरी पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने से इनकार कर दिया था. एलजी ने मेयर चुनाव की पूर्व संध्या में एक पत्र जारी कर कहा था वो पीठासीन अधिकारी नियुक्त नहीं कर सकते.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।