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बस अड्डे के पास पिछले 50 वर्षों से रह रहे गरीबों के घर पर चला बुलडोजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. अवैध निर्माण को ध्वस्त करने में कोई बुराई नहीं है. लेकिन यदि यह निर्माण 5 दशकों पुराना हो तो व्यवस्था पर सवाल उठना भी लाजमी है. उत्तर प्रदेश के कानपुर में बाबूपुरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बस अड्डे के पास गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला दिया गया. स्थानीय लोगों ने मातृभूमि समाचार के प्रतिनिधि संजय सक्सेना को बताया कि उनमें से कई यहाँ पर पिछले 50 वर्षों से रह रहे हैं. कुछ लोगों का जन्म यहीं हुआ, तो कुछ ने अपनी अंतिम सांस यहीं ली. लेकिन अब उनके सपनों के घर को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन उनके लिए रहने की दूसरी व्यवस्था नहीं करता, तो वो कहाँ जाएंगे. ऐसे में जब गर्मी के कारण कुछ घंटे भी खुले आसमान के नीचे रुक पाना मुश्किल हो रहा है, फिर बिना घरों के हम कैसे जिन्दा रहेंगे.

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।