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ईडी ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को आरोपी बना दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट में केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। 200 पन्नों की इस सप्लीमेंट्री चार्जशीट में केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाया गया है। अब तक इस मामले में ED 8 चार्जशीट दाखिल कर चुकी है जिसमें 7 सप्लीमेंट्री और 1 मेन चार्जशीट है।

  • मनीष सिसोदिया और के कविता के साथ अरविंद केजरीवाल भी हैं ‘मास्टरमाइंड’
  • ED ने अपने चार्जशीट में आम आदमी पार्टी को आरोपी के रूप में नामित किया है।
  • पहली बार किसी राजनीतिक दल को मनी लॉन्ड्रिंग जांच में आरोपी के रूप में नामित किया गया है।
  • ED ने कहा है कि पीएमएलए की धारा 70 के तहत आप कंपनी के रूप में मुकदमा चलाने के लिए उत्तरदायी है।
  • ईडी का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग जांच से पता चलता है कि अपराध की आय का इस्तेमाल AAP ने अपने गोवा चुनाव अभियान में किया।
  • AAP ने गोवा चुनाव प्रचार में 45 करोड़ रुपये खर्च किए।

केजरीवाल को 2 जून को करना है सरेंडर

ईडी ने 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को केजरीवाल को 21 दिनों की अंतरिम जमानत दे दी। उन्हें 2 जून को सरेंडर करना है। अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए केजरीवाल की ओर से यह याचिका दाखिल की गई है। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने अगर केजरीवाल की गिरफ्तारी को अवैध पाया तो फिर उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा। वहीं अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा।

हवाला ट्रांसफर के सबूत

जस्टिस खन्ना ने कहा कि ईडी का कहना है कि उनके पास आंध्र प्रदेश से लेकर गोवा चुनावों में हवाला ट्रांसफर के सबूत हैं। इस पर केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार में ये कोई सबूत नहीं है। वहीं एएसजी राजू ने सिंघवी के जवाब पर आपत्ति जताई।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।