लोड हो रहा है...

चक्रवात रेमल के कमजोर होते ही कोलकाता एयरपोर्ट से शुरू हुई हवाई सेवाएं

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

कोलकाता. खतरनाक चक्रवाती तूफान रेमल रविवार रात 8.30 बजे पश्चिम बंगाल के कैनिंग और बांग्लादेश के मोंगला में 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आया। लैंडफॉल 4 घंटे तक चला। इस दौरान तटीय इलाकों उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मेदिनीपुर, दीघा, काकद्वीप, जयनगर, कोलकाता, हुगली और हावड़ा में 60kmph की रफ्तार से हवाएं चली और बारिश हुईं।

राजधानी कोलकाता में 100 से ज्यादा पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। सड़कों पर पानी भर गया। कोलकाता में घर की छत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। कोलकाता के सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट पर 21 घंटे बाद फ्लाइट सर्विस दोबारा शुरू हो गई है। तूफान से पहले रविवार को इसे बंद किया गया था। 394 फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं। कोलकाता में रविवार सुबह 8.30 बजे और सोमवार सुबह 5.30 बजे के बीच 146 मिमी बारिश दर्ज की गई। हल्दिया में 110 मिमी, तामलुक में 70 मिमी और निमिथ में 70 मिमी बारिश हुई।

बांग्लादेश में भी तूफान का जबरदस्त असर है। ढाका के सोमोय टीवी के मुताबिक, बांग्लादेश में तूफान के कारण 7 लोगों की मौत हो गई। सरकार ने 1.5 करोड़ लोगों के घरों की बिजली काट दी है।

अभी तूफान की क्या स्थिति है
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, गंभीर चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ सोमवार सुबह कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान में बदल गया​​​​​ है। अब यह नॉर्थ-ईस्ट की ओर 13 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। यानी बंगाल से लगे त्रिपुरा, असम, मेघायल, सिक्किम में इसका असर दिखेगा। हालांकि तब तक यह कमजोर हो चुका होगा। तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल के अलावा ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में 27 और 28 मई को बारिश होगी।

- Advertisement -

साभार : दैनिक भास्कर

फेसबुक पेज : https://www.facebook.com/profile.php?id=61558434413602

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।