लोड हो रहा है...

दिल्ली जल संकट दूर करने के लिए 5 जून को बुलाए आपातकालीन बैठक : सुप्रीम कोर्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने ऊपरी यमुना नदी बोर्ड से कहा कि वह दिल्ली के लोगों के सामने उत्पन्न हुए जल संकट के समाधान के लिए सभी हितधारक राज्यों की 5 जून को एक आपातकालीन बैठक बुलाए। सुप्रीम कोर्ट ने पड़ोसी राज्य हरियाणा से अतिरिक्त पानी की मांग करने वाली दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए 6 जून की तारीख तय की। कोर्ट ने बैठक की कार्यवाही और उठाए गए कदमों पर सुझाव भी मांगे हैं।

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उसने जल संकट से निपटने के लिए राष्ट्रीय राजधानी को हिमाचल प्रदेश की ओर से उपलब्ध कराया जाने वाला अतिरिक्त पानी छोड़े जाने का हरियाणा को निर्देश देने का अनुरोध किया है। जस्टिस पीके मिश्रा और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने इस पर सहमति जताई कि राष्ट्रीय राजधानी में पानी की कमी के मुद्दे से निपटने के लिए यूवाईआरबी की एक बैठक बुलाई जाए।

पीठ ने कहा कि सुनवाई के दौरान सभी पक्ष सहमत हुए कि दिल्ली के नागरिकों के समक्ष पानी की कमी की समस्या का ऐसा समाधान होना चाहिए जिसमें सभी पक्षों के अधिकतम हित पूरे होते हो। बता दें कि दिल्ली की जल मंत्री आतिशी की ओर से दायर याचिका में केंद्र, हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को पक्षकार बनाया गया है।

साभार : अमर उजाला

- Advertisement -

फेसबुक पेज : https://www.facebook.com/profile.php?id=61558434413602

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।