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कोर्ट ने विवादित ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की मां मनोरमा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. पुणे में किसान को बंदूक दिखाकर धमकाने के मामले में मनोरमा खेडकर (Manorama Khedkar) को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मनोरम खेडकर आईएएस पूजा खेडकर (Puja Khedkar) की मां हैं. पूजा खेडकर की नियुक्ति भी सवालों के घेरे में और उनपर भी विशेषज्ञ समिति की जांच चल रही है जबकि यूपीएससी ने एफआईआर भी दर्ज कराई है. मनोरमा खेडकर को पुणे जिले की एक अदालत में सोमवार को पेश किया गया. उन्हें जमीन विवाद में धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद पेश किया गया था. जहां प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

लॉज से किया गया था मनोरमा को गिरफ्तार

उसे 18 जुलाई को रायगढ़ जिले के महाड के पास हिरकनिवाड़ी गांव के एक लॉज से पकड़ा गया था. पुलिस ने मनोरमा और उनके पति की तलाश शुरू कर दी थी. मनोरमा खेडकर का एक वीडियो सामने आया था जिसमें 2023 में वह पुणे की मुलशी तहसील के धडवाली गांव में भूमि विवाद के मामले में कुछ लोगों को बंदूक से धमकाते हुए दिखाई दे रही थीं. पुणे ग्रामीण की पौड पुलिस ने खेडकर दंपति और पांच अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया था.

मुसीबतों में फंसा पूजा खेडकर का परिवार

इसके अलावा इन सभी के खिलाफ धारा 144, 147 और 506 के तहत भी केस दर्ज किया गया था. इससे पहले शनिवार को पुलिस ने  कोर्ट को यह जानकारी दी थी कि उन्होंने एक पिस्तौल और इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है. बता दें कि खुद खेडकर परिवार की बेटी पूजा खेडकर विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्टिफिकेट को लेकर किए गए दावे और पुणे कलेक्टर ऑफिस में अपने व्यवहार को लेकर जांच के दायरे में हैं.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।