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केरल के वायनाड में भूस्खलन के कारण 106 की मौत, सैकड़ों लापता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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तिरुवनंतपुरम. केरल के वायनाड में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार देर रात 4 जगह लैंडस्लाइड हुई है। जिससे यहां मुंडक्कई, अट्टामाला, चूरलमाला और नूलपुझा चार गांवों का बड़े हिस्से बह गए हैं। यहां मुख्य मार्गों, घरों, सरकारी अस्पतालों और पुलों पर पानी भरा है। खबर लिखे जाने तक इस लैंडस्लाइड से अब तक कुल 106 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 लोग अभी लापता हैं।

केरल प्रशासन के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 115 से ज्यादा लोग जिले के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। घटना पर सेना ने बचाव कार्य की कमान संभाल रखी है। लोगों को राहत शिवरों में शिफ्ट किया जा रहा है। लैंडस्लाइड के बाद राज्य में पूरा जनजीवन अस्तव्यस्त है। यहां हाईवे बंद हैं, और SDRF और NDRF की टीमें हेलिकॉप्टर से मौके पर बचाव कार्य में लगी हैं।

इससे पहले कन्नूर से आर्मी के 225 जवानों को वायनाड के लिए रवाना किया गया है। कुछ घंटों में आए लगातार 3 भूस्खलन से चूरलमाला गांव का बड़ा हिस्सा बह चुका है।यहां सेना रेस्क्यू मिशन संभाल रही है। नदियों में लाशें बहती दिखाई पड़ रही हैं। सड़कों पर पानी जमा है, जहां देखों तबाही का मंजर है। दिन में एयरफोर्स के 2 हेलिकॉप्टर रेस्क्यू के लिए भेजे गए थे लेकिन बारिश के चलते उन्हें कोझिकोड से ही लौटना पड़ा।

साभार : न्यूज़24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।