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कर्नाटक कैडर की हरियाणा निवासी प्रीति सूदन बनीं यूपीएससी की नई चेयरपर्सन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग में लगातरा चल रहे विवाद के बाद आयोग ने बुधवार को आईएएस अधिकारी प्रीति सूदन को अपना नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. प्रीति सूदन गुरुवार यानी 1 अगस्त को आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगी. कर्नाटक कैडर की 1983 बैच की आईएएस प्रीति सूदन का कार्यकाल अप्रैल 2025 तक रहेगा.

यूपीएससी की नवनियुक्‍त चेयरमैन प्रीति सूदन कर्नाटक कैडर की आईएएस अधिकारी और हरियाणा की रहने वाली हैं. 1983 बैच की आईएएस सूदन चार साल पहले ही रिटायर हुई हैं. अपने कार्यकाल में वह केंद्र सरकार के कई विभागों में कार्यरत रही हैं. कुछ समय के लिए वह केंद्र सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय में भी रहीं.

इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के सचिव के रूप में भी उन्‍होंने कार्य किया. खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग में भी उनकी नियुक्‍ति हुई. प्रीति सूदन भारत सरकार की स्‍वास्‍थ्‍य सचिव के पद पर भी रहीं. उनका कार्यकाल अक्टूबर 2017 से जुलाई 2020 तक रहा. उन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभाई.

महेश सोनी के इस्तीफे के बाद हुई नियुक्ति

उन्हें प्रमुख बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और आयुष्मान भारत मिशन के अलावा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल आयोग और ई-सिगरेट पर प्रतिबंध पर कानून बनाने का क्रेडिट दिया जाता है. प्रीति सूदन ने अंग्रेजी में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद उन्होंने एमए, एमफिल और पीएचडी ईकोनामिक्स में किया हैं. सूदन यूपीएससी की प्रमुख बनने वाली दूसरी महिला हैं. बता दें प्रीति सूडान की पदोन्नति यूपीएससी के अध्यक्ष महेश सोनी के अचानक इस्तीफे के बाद हुई है, जिन्होंने हाल ही में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।