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बाढ़ और भूस्खलन के बाद 48 घंटे में दो बार भूकंप से कांपी हिमाचल प्रदेश की भूमि

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

शिमला. हिमाचल प्रदेश में बारिश, क्लाइड ब्रस्ट और बाढ़ (Himachal Flood) के बीच धरती डोली है. प्रदेश के लाहौल स्पीति में एक बार फिर से भूकंप के हल्के झटके लगे हैं. शुक्रवार सुबह ये झटके महसूस किए गए हैं. बीते 48 घंटे में दूसरी बार लाहौल स्पीति (Lahaul Spiti Earthquake) की धरती में हलचल हुई है. हालांकि, किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र ने भूकंप की पुष्टि की है.

जानकारी के अनुसार, लाहौल स्पीति में शुक्रवार सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर अर्थक्वेक के हल्के झटके महसूस किए गए है. रिक्टर स्केल पर 3.2 भूकंप की तीव्रता मापी गई है. जमीन से 5 किमी नीचे इसका केंद्र रहा है. लाहौल घाटी में बुधवार रात को भी हल्के भकूंप के झटके महसूस किए गए थे. रात एक बजकर 11 मिनट पर यहां धरती डोली थी. हालांकि, रात को सभी लोग सोए हुए थे औ र किसी को ये झटके महसूस नहीं हुए. इस दौरान भूकंप की तीव्रता 3.2 रिक्टर स्केल थी.

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के बुधवार की रात को पांच जिलों में बारिश ने कहर ढाया. यहां पर बादल फटने से 53 लोग लापता हो गए, जिनमें से पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 47 लोगों की अब भी तलाश है. मंडी, शिमला, कुल्लू, चंबा और लाहौल स्पीति में बादल फटने से तबाही हुई है. शिमला के रामपुर में झाखड़ी से आगे समेज गांव का तो नामोनिशां मिट गया है. इस गांव में कुल 36 लोग लापता हैं. यहां पर एनडीआरफ की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म कर दिया है और सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा. मंडी में 8 लोगों की तलाश है, जबकि कुल्लू के निरमंड में 6 लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चला है.

साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।