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मंगलुरु विवाद को लेकर विश्व हिन्दू परिषद ने किया प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बेंगलुरु. कर्नाटक के मंगलुरु में मिलाद-उन-नबी से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। सोमवार सुबह दोनों संगठन मंगलुरु की सड़कों पर प्रदर्शन के लिए उतरे। प्रोटेस्ट रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई, जिसे प्रदर्शनकारियों ने तोड़ दिया। स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को तैनात किया है।

हिंसक प्रदर्शन को लेकर दक्षिण कन्नड़ के SP ने कहा- ईद-ए-मिलाद से एक दिन पहले ही हमने जिले सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम कर लिए थे। पुलिस ने कहा कि हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई अप्रिय घटना न हो। जो भी शांति भंग करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिलाद-उन-नबी को लेकर मंगलुरु पुलिस अलर्ट पर इस्लाम धर्म में ईद मिलाद-उन-नबी का त्योहार पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मुसलिम समुदाय में प्रार्थनाएं, समारोह और जश्न और जुलूस निकाले जाते हैं। मंगलुरु में सोमवार शाम तक अलग-अलग हिस्सों में जुलूस निकाले जाएंगे। इन्हीं जुलूस को लेकर संगठनों में हिंसा न हो, इसके पुलिस मंगलुरु पुलिस अलर्ट मोड पर है।

कल मस्जिद पर भी पथराव, 5 VHP कार्यकर्ता गिरफ्तार

रविवार रात करीब 10:30 बजे मंगलुरु के बाहरी इलाके में कटिपल्ला की बद्रीया मस्जिद पर कुछ बाइक सवार लोगों ने पथराव किया। इसमें मस्जिद के कांच टूट गए। घटना को लेकर मंगलुरु पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया। ये सभी लोग VHP से जुड़े लोग हैं। गिरफ्तारी को लेकर VHP के कार्यकर्ताओं देर रात नराज हो गए। वे सड़कों पर आकर प्रदर्शन पर उतारु हो गए। हालांकि, प्रशासन ने इस प्रदर्शन को बढ़ने नहीं दिया और स्थिति को काबू में कर लिया।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।