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अरविंद केजरीवाल इस्तीफा देने के लिए मंगलवार शाम 4.30 बजे उपराज्यपाल से करेंगे मुलाकात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. आबकारी नीति मामले में जमानत पर तिहाड़ से बाहर आने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। कल यानी 17 सितंबर मंगलवार को शाम को 4.30 बजे अरविंद केजरीवाल दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के सक्सेना से मुलाकात करेंगे। इस दौरान ही वो अपना इस्तीफा उन्हें सौंप सकते हैं।

कुछ देर पहले ही मांगा था मुलाकात का वक्त

आम आदमी पार्टी ने कुछ देर पहले ही जानकारी दी थी कि अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल से मुलाकात का वक्त मांगा है।पार्टी की तरफ से ये जानकारी मिलने के कुछ देर बाद ही उन्हें उपराज्यपाल ने कल शाम 4.30 बजे मुलाकात का वक्त दे दिया है।

रविवार को किया था इस्तीफे का ऐलान

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कल यानी रविवार को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ऐलान किया था कि वो दो दिन बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा था कि जनता का फैसला आने तक वो सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को इसी साल नवंबर में करवाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं मैं चाहता हूं कि दिल्ली में भी महाराष्ट्र के साथ ही विधानसभा चुनाव करवाए जाएं। उनका कहना है कि कोर्ट से न्याय मिला है अब मुझे जनता की भी अदालत से न्याय चाहिए।

वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने सोमवार को कहा कि आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना ‘मर्यादा’ का पालन नहीं, बल्कि ‘मजबूरी’ में लिया गया फैसला। सचदेवा ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल के शासन में दिल्ली सरकार का कोई भी विभाग भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं है। आबकारी नीति मामले में जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा होने के दो दिन बाद रविवार को केजरीवाल ने कहा था कि वह 48 घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे देंगे और दिल्ली में समय पूर्व चुनाव कराने की मांग करेंगे।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।