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हिन्दू संगठनों ने मंदिर के पास अवैध मस्जिद निर्माण के विरोध में किया प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भोपाल. संस्कारधानी जबलपुर स्थित रांझी और मढ़ई में एक धार्मिक स्थल को लेकर विवाद है। इसे लेकर हिंदू संगठन ने प्रदर्शन किया है। संगठन का आरोप है कि इसका निर्माण अवैध तरीके से हो रहा है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मस्जिद तोड़ने की मांग करने लगे। कार सेवा करने के ऐलान के साथ मढ़ई इलाके में पहुंचे हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने काफी देर तक नारेबाजी की।

अवैध मस्जिद को तोड़ने की मांग

वहीं, हिंदू संगठन के लोगों ने अवैध मस्जिद को तोड़े जाने की आवाज बुलंद की। उनका आरोप है कि गायत्री बाल मंदिर की जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया है। देखते ही देखते इस मस्जिद में शहर के अलग-अलग इलाकों से विशेष समुदाय के लोग बड़ी तादाद में पहुंचने लगे हैं।

बिजली और पानी का कनेक्शन भी मिल गया

यहां तक कि इस अवैध मस्जिद को सरकारी स्तर पर पानी बिजली तक मुहैया कराई जा रही है। दस्तावेजी सबूत पेश करते हुए हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मस्जिद के निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पुलिस मुस्तैद रही

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के गुस्से को देखते हुए पुलिस मुस्तैद रही है। कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद थी। काफी देर तक प्रदर्शनकारियों की पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा होती रही। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मस्जिद के निर्माण की जांच कराई जाएगी। साथ ही दस्तावेजों का परीक्षण कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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प्रशासन से कार्रवाई की मांग

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के नेताओं ने ऐलान किया है कि अगर जल्द से जल्द प्रशासनिक तौर पर जांच कर अवैध मस्जिद को तोड़ने की कार्रवाई नहीं की गई है। वे खुद ही पहुंचकर मस्जिद को गिराने से पीछे नहीं हटेंगे।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।