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सड़कों पर रात भर गाड़ी पार्क करने पर देना होगा शुल्क

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. अगर आप सड़क पर रातभर गाड़ी खड़ी करके छोड़ देते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. दरअसल, उत्तर प्रदेश में अब गाड़ी खड़ी करने पर शुल्क देना पड़ेगा. नगर विकास विभाग की योजना के मुताबिक, अगर कोई शख्स पब्लिक प्लेस (नगर निगम के अधिकार क्षेत्र) पर रात में गाड़ी खड़ी करता है तो उससे पार्किंग फीस ली जाएगी.

इस फीस की बात की जाए तो ये 100 रुपये प्रति रात, हफ्ते भर के लिए 300 रुपये, महीने के लिए 1 हजार रुपये और साल के लिए 10 हजार रुपये होगी. एक बात ध्यान देने वाली यह है कि अगर कोई शख्स बिना परमिट के गाड़ी खड़ी करता है तो उससे तीन गुना शुल्क वसूला जाएगा. अभी इस प्रस्ताव को लेकर संबंधित विभाग से सुझाव, आपत्ति और निस्तारण की पूरी जानकारी मांगी गई है.

नगर निगम से अनुमति लेने के बाद ही ठेकेदार की ओर से रेलवे स्टेशन, कॉलेज, अस्पताल, ऑफिस, बस स्टैंड, हॉस्टल आदि जगहों के पास पार्किंग से फीस ली जाएगी. इसके साथ ही मल्टी लेवल कार पार्किंग की सुविधा भी मिलने वाली है.

सीएम योगी ने दिया था ये आदेश

सामने आया है कि उत्तर प्रदेश में स्पष्ट नीति न होने के चलते पार्किंग टेंडर मनमाने ढंग से उठ जाते हैं. ऐसे में इल्लीगल तरीके से पार्किंग की बाढ़ आ गई. इन सभी वजहों के चलते सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों नगर विकास विभाग को नीति लाने के लिए निर्देश दिया था, जिसके बाद अब नगर विकास नई पार्किंग नीति लेकर आ रहा है. इसके साथ ही 10 लाख से कम आबादी वाले शहर में टू-व्हीलर्स के लिए 600 रुपये और फॉर-व्हीलर्स का 1200 रुपये का पास बनेगा. इसके अलावा 2 घंटे के लिए टू-व्हीलर और फॉर-व्हीलर का रेट 10 और 20 रुपये  होगा.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।