लोड हो रहा है...

भाजपा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में निर्दलीय लड़ रहे 8 नेताओं को किया निलंबित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Elections) के लिए सभी 90 सीटों पर एक ही चरण में 5 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे. मतों की गणना 8 तारीख को होगी. इस बीच टिकट नहीं मिलने से कई दलों के बागी मैदान में उतर गए हैं. भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की तरफ से बागियों पर अनुशासन का डंडा चलाया गया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने निर्दलीय चुनाव लड़ रहे 8 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहनलाल बडौली की तरफ से जारी आदेश के अनुसार  लाडवा सीट से बागी उम्मीदवार संदीप गर्ग, असन्ध सीट से बागी प्रत्याशी जिलेराम शर्मा, गन्नौर सीट से देवेंद्र कादयान, सफीदो से बच्चन सिंह आर्य, रानिया से रणजीत चौटाला, महम से राधा अहलावत, गुरुग्राम से नवीन गोयल और हथीन से चुनाव लड़ रहे केहरसिंह रावत को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.

रानिया सीट से मैदान में उतरे पूर्व मंत्री रणजीत चौटाला ने बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. बीजेपी की पहली लिस्ट से अपना नाम गायब देखने के बाद रणजीत सिंह चौटाला ने अपने समर्थकों की एक बैठक बुलाई थी.बाद में उन्होंने बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था.

5 अक्टूबर को डाले जाएंगे वोट

बताते चलें कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में 5 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. 8 अक्टूबर को मतों की गणना होगी. हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2024 को समाप्त होने वाला है. 1 नवंबर 1966 को पंजाब से अलग होकर राज्य का गठन हुआ था. राज्य में विधानसभा की 90 सीटें हैं. बहुमत के लिए किसी भी राजनीतिक दल को 46 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी.  राज्य की 90 सीटों में से 17 सीटें अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं.

साभार : एनडीटीवी

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।