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इजरायल हिजबुल्लाह को तबाह करने के लिए लेबनान में 2 किमी अंदर तक घुसा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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गाजा. लेबनान के दक्षिणी इलाके में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी जमीनी लड़ाई में बुधवार (2 अक्टूबर) को इजराइली सेना 2 किमी अंदर मरून अल-रस गांव पहुंच गई है। BBC के मुताबिक, यहां इजराइली सैनिकों की हिजबुल्लाह के लड़ाकों से मुठभेड़ भी हुई। आमने-सामने की इस लड़ाई में अब तक इजराइल के 8 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 18 घायल हुए हैं। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल के 3 टैंक भी तबाह कर दिए हैं।

इजराइल लेबनान में हिजबुल्लाह, गाजा में हमास, ईरान और यमन में हूतियों से लड़ाई लड़ रहा है। मंगलवार रात ईरान ने इजराइल पर 200 बैलिस्टिक मिसाइल दागी थीं। हालांकि, इजराइल के मुताबिक, ईरान ने उस पर 180 मिसाइलों से हमला किया था। इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि हमला मोसाद हेडक्वार्टर, नेवातिम एयरबेस और तेल नोफ एयरबेस को निशाना बनाकर किया गया था। ईरान की ज्यादातर मिसाइलों को इजराइल के डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया था।

ईरान के हमले के बाद इजराइल ने UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस के इजराइल आने पर रोक लगा दी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इजराइल के विदेश मंत्री ने कहा कि UN चीफ ने ईरान के हमलों की निंदा नहीं की, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।