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वीर सावरकर पर आपत्तिजनक बयान के कारण कर्नाटक के मंत्री पर हो सकता है मानहानि का मुकदमा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बेंगलुरु. वीर सावरकर पर दिया गया कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव का बयान सियासी बवाल बनता जा रहा है. भाजपा के बाद अब वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कांग्रेस और दिनेश गुंडू राव पर हमला बोला है. उन्होंने इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह बयान वीर सावरकर का अपमान है. उन्होंने ऐलान किया है कि वह इसके खिलाफ कोर्ट में मानहानि का दावा करेंगे. दरअसल कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने वीर सावरकर को लेकर विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि सावरकर एक ब्राह्मण थे, फिर भी वे बीफ खाते थे. मंत्री ने यहां तक कह दिया था कि सावरकर ने कभी गाय के वध का विरोध नहीं किया. उनके विचार भले ही कट्टरपंथी थे, लेकिन वे आधुनिकता को अपनाते थे. इसी बयान पर अब रंजीत सावरकर का रिएक्शन आया है. उन्होंने इसकी निंदा करते हुए कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री पर मानहानि का दावा करने की चेतावनी दी है.

बांग्लादेशी-पाकिस्तानियों को भगाना होगा

रंजीत सावरकर ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य को घूसखोरी से मुक्त बनाना है, क्योंकि घूसखोरी के चलते जनता को परेशान होना पड़ता है. उन्होंने कहा कि देश में बांग्लादेशी, रोहिंग्या अफगानी और पाकिस्तानी अवैध रूप से बस गए हैं. देश को बचाने के लिए इन्हें देश से भगाना होगा.

केंद्र सरकार भले न करे, हम NRC लागू करेंगे

सावरकर ने कहा की हम सिविल सोसायटी के साथ मिलकर NRC लेकर आ रहे है केंद्र सरकार तो NRC लागू नहीं करेगी, लेकिन हम ये जरूर करने जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक नंबर जारी किया गया है,जो घूसखोर राज्य में घुसकर बैठे हैं उन्हें निकालने के लिए ये कैंपेन शुरू किया गया है देश में अवैध तरीके से जो आकर रहे हैं, उन्हें भगाने के लिए भी सिविल सोसायटी ऑफ महाराष्ट्र के तरफ से जनता NRC मूवमेंट शुरू किया गया है.

राज्य में 80 से 1 करोड़ घुसपैठिए

रंजीत सावरकर ने कहा कि NRC मूवमेंट में लोग जरूर हिस्सा लें, क्योंकि महाराष्ट्र में लगभग 80 से 1 करोड़ अवैध तरीके से घुसपैठियों घुस आए हैं. इन्ही के कारण राज्य में कई चुनौतियों का का सामना करना पड़ रहा है. ये घुसपैठिए राज्य के सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते है. उन्होंने कहा कि यही घुसपैठिए स्लीपर सेल का काम करते हैं, जिससे देश का नुकसान होता है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।