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आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव में नहीं करेगी कांग्रेस से गठबंधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने बुधवार को कहा कि पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। एएनआई से बात करते हुए कक्कड़ ने कहा कि हम दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi vidhan sabha chunav 2025) अकेले लड़ेंगे। एक तरफ यह अति आत्मविश्वास वाली कांग्रेस है और दूसरी तरफ, यह अहंकारी भारतीय जनता पार्टी है।

2020 चुनाव में भाजपा को मिली 8 सीटें

हम अपना सिर नीचे रखेंगे और अपना काम करने देंगे। पिछले 10 साल अपने लिए बोलते हैं। दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 की शुरुआत में होने की उम्मीद है। AAP ने 2020 के विधानसभा चुनावों में 70 में से 62 सीटें जीतीं और बीजेपी ने आठवीं सीटें हासिल कीं। इससे पहले, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा चुनाव नतीजों से “सबसे बड़ा सबक” यह है कि कभी भी अति आत्मविश्वास में न रहें और पार्टी कार्यकर्ताओं से अगले साल होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया।

चुनावों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए-केजरीवाल

केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने मंगलवार को दिल्ली में आप नगर निगम पार्षदों को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं। चुनावों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। आज के चुनाव से सबसे बड़ा सबक यह है कि कभी भी अति आत्मविश्वास में न रहें। हर चुनाव, सीट कठिन होती है। अरविंद केजरीवाल ने आप नगर निगम पार्षदों से दिल्ली में चुनाव जीतने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया और कहा कि कोई अंदरूनी कलह नहीं होनी चाहिए। हमें कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। कोई अंदरूनी कलह नहीं होनी चाहिए।

इस चुनाव में आपकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी क्योंकि हम एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) में हैं। जनता को सफाई जैसी बुनियादी चीजों की उम्मीद है। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है। यदि ऐसा किया गया तो हम निश्चित रूप से चुनाव जीतेंगे। हमारा मुख्य लक्ष्य चुनाव जीतना होना चाहिए।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।