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यति नरसिंहानंद के समर्थन में आयोजित महापंचायत में जाने से रोकने पर हंगामा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. पैगंबर मोहम्मद साहब पर टिप्पणी के बाद पनपे विवाद के बाद डासना मंदिर परिसर में होने वाली महापंचायत में सुबह से ही लोग पहुंचने शुरू हो गए। हालांकि, पुलिस ने उनको मंदिर जान से पहले ही रोक दिया। बड़ी तादाद में लोग वापस चले गए। जबकि, कुछ लोगों ने महापंचायत में आने की जिद की तो पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया।

जगह-जगह बेरिकेडिंग की गई। स्थानीय लोगों को भी पूछताछ के बाद ही उनके अंदर, दुकान, प्रतिष्ठानों पर आने जाने की अनुमति दी गई। उधर, यूपी के अलग-अलग हिस्सों के अलावा बड़ी तादाद में उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली से भी संत पंचायत में पहुंचे थे। एक दिन पहले ही 50 से ज्यादा संतों का जत्था मंदिर में पहुंच गया। जैसे ही संतों को पता चला कि महापंचायत में लोगों को आने से पुलिस रोक रही है तो संतों ने कहा कि पुलिस जहां रोके वहीं पर पंचायत शुरू कर दी जाए। वहीं, यति नरसिंहानंद का रविवार को भी कुछ पता नहीं चला। वह एक सप्ताह से लापता हैं। समर्थक जहां आरोप लगा रहे हैं कि यति नरसिंहानंद को गायब किया गया है। जबकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। इस बारे में डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

विधायक को भी पुलिस ने रोका

लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी अपने समर्थकों के साथ डासना देवी मंदिर में होने वाली महापंचायत में शामिल होने के लिए पहुंचे लेकिन में रोड पर ही उनको पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई। पत्रकारों से वार्ता में विधायक ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की। विधायक और उनके समर्थक अंदर जाने की जिद पर अड़े हैं। फिलहाल मंदिर परिसर में 60 से 70 लोग मौजूद हैं। पत्रकारों को भी अंदर जाने से रोका जा रहा है।

लोगों ने बैरिकेड पलटी, पुलिस ने फटकारी लाठी

महापंचायत में जाने के लिए जब 400 से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए तो उन्होंने बैरिकेड को पलट दी। पुलिस और लोग आमने-सामने आ गए हाथापाई की नौबत पहुंच गई। पुलिस ने लाठी फटकारी और किसी तरह लोगों को काबू किया। इस दौरान भगदड़ जैसा माहौल पैदा हो गया। बड़ी तादाद में लोग इसके बाद वापस लौट गए। वहीं, विधायक नंद किशोर गुर्जर को जब अंदर नहीं जाने दिया गया तो उन्होंने वहीं पर महापंचायत करने की घोषणा कर दी। उन्होंने डासना मंदिर के बाहर प्रदर्शन करने समेत अन्य मामलों में एनएसए की कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर भी तमाम आरोप लगाए।

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वाहनों और लोगों की भीड़ की वजह से लगा जाम

महापंचायत में आने वाले लोगों ने अपने वाहन सड़क किनारे बेतरतीब खड़े कर दिए। बड़ी संख्या में लोग भी वहां मौजूद थे। इसी वजह से एनएच पर जाम की स्थिति बन गई। लोगों को करीब आधा किलोमीटर दूरी में जाम के झाम से दो चर होना पड़ा। पुलिस ने किसी तरह व्यवस्था को बनाया।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।