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न्यूजीलैंड के खिलाफ मात्र 46 रन पर ढेर हुई भारतीय क्रिकेट टीम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

बेंगलुरु. भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के सामने घुटने टेक दिए। भारतीय सरजमीं पर टीम इंडिया अपने सबसे छोटे टेस्ट स्कोर 46 रन पर ऑलआउट हो गई। वर्षा प्रभावित टेस्ट का पहला दिन बारिश में पूरी तरह धुलने के बाद दूसरे दिन जब टॉस हुआ तो भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लेते हुए हर किसी को चौंका दिया और यही से भारतीय टीम के ब्लैक डे की स्क्रिप्ट तय हो गई थी।

ओवरकास्ट कंडिशन में क्यों चुनी बैटिंग?

आसमान पर घिरे बादल, नमी भरी पिच ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को बेंगलुरु में उनकी घरेलू परिस्थिति मिल गई। गेंद सीम और स्विंग दोनों कर रही थी। ऐसे में मेट हेनरी ने पहली गेंद से दबाव बनाना शुरू किया। लगातार फुल गेंद फेंककर भारतीय बल्लेबाजों को शॉट्स मारने के लिए आमंत्रित किया। ऐसी परिस्थिति में अगर भारत पहले गेंदबाजी करता तो शायद जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज को भी ऐसी ही सफलता मिलती।

भारत के पांच सबसे छोटे टेस्ट टोटल

  • 36 रन vs ऑस्ट्रेलिया, एडिलेड, 2020
  • 42 रन vs इंग्लैंड, लॉर्ड्स, 1974
  • 58 रन vs ऑस्ट्रेलिया, ब्रिसबेन, 1947
  • 58 रन vs इंग्लैंड, मैनचेस्टर, 1952
  • 66 रन vs साउथ अफ्रीका, डरबन, 1996

पांच बल्लेबाज 0 पर आउट

भारत के पांच बल्लेबाज तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए। ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा 20 रन बनाए। उन्हें और यशस्वी जायसवाल (13) को छोड़कर कोई और बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया। तेज गेंदबाज मैट हेनरी हेनरी ने सबसे ज्यादा पांच विकेट लिए। नए गेंदबाज विलियम ओ राउरकी ने चार विकेट लिए तो टीम साउदी को एक सफलता मिली।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।