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बहराइच में हिन्दू युवक की हत्या का आरोपी निकला मादक पदार्थों का तस्कर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. बहराइच हिंसा के मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद के नेपाल कनेक्शन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस सूत्रों के अनुसार अब्दुल हमीद के नेपाल कनेक्शन की जांच में पुलिस और इंटेलिजेंस को कुछ अहम सुराग मिले. नेपाल में रह रहे बड़े बेटे पिंकू के जरिए सोने चांदी की तस्करी का कनेक्शन सामने आया है. तस्करी के जरिए अब्दुल हमीद के साथ-साथ उसके बेटे ने बहराइच में ज्वेलरी की एक और शॉप खोल रखी थी.

पुलिस ने तलाश शुरू की तो सोमवार सुबह नेपाल भागने की जानकारी मिली. वहीं दंगे में लोकल पुलिस क्यों एक्टिव नहीं रही इस बारे में जांच हुई तो नेपाल कनेक्शन से होने वाली मोटी कमाई बड़ी वजह निकली. जांच टीमों को शक है कि अब्दुल हमीद और उसका परिवार सोने-चांदी की तस्करी के साथ मादक पदार्थों की तस्करी में भी शामिल था. वह बहराइच के इंडिया-नेपाल बॉर्डर के कई खुफिया और गांव के रास्ते का इस्तेमाल करते थे. पुलिस और इंटेलिजेंस को शक  है कि नेपाल के नेपालगंज में रह रहा बड़ा बेटा पिंकू तस्करी कराता है. यूपी पुलिस और इंटेलिजेंस की टीमें  अब्दुल हमीद का नेपाल कनेक्शन से जुड़े अन्य तार तलाशने में जुटी हुई हैं.

आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा

बता दें कि बहराइच हिंसा के पांचों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इन सभी आरोपियों को सुरक्षा के मद्देनजर सीजेएम प्रतिभा चौधरी के आवास पर पेश किया गया था. वहीं बहराइच हिंसा के मुख्य आरोपी सरफराज और उसके सहयोगियों के घरों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पीडब्ल्यूडी ने 23 घरों को नोटिस दिया.

नोटिस के बाद इलाके में हड़कंप

पीडब्ल्यूडी के नोटिस में बताया गया था कि ये घर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए हैं. अब नोटिस पाने वाले लोग खुद ही घर खाली कर सामान दूसरी जगह ले जा रहे हैं. वहीं पीडब्ल्यूडी की तरफ से मिले नोटिस के बाद इलाके में हड़कंप का मचा हुआ है. स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।