लोड हो रहा है...

पुलिस को मिली आम आदमी पार्टी विधायक नरेश बाल्यान की दो दिन की हिरासत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने जबरन वसूली केस में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान को आज राउज ऐवन्यू कोर्ट में पेश किया. कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए नरेश बाल्यान की 5 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की. कोर्ट ने नरेश बाल्यान को 2 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है. 2 दिन बाद 3 दिसंबर को बाल्यान को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा. कोर्ट में नरेश बाल्यान ने कहा कि चुनाव है इसलिए बीजेपी के दवाब में झूठे मुकदमे में फंसाया. सच्चाई कोर्ट के सामने आएगी.

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा हमने पूछताछ के लिए बुलाया था और बाल्यान जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे. इसके बाद गिरफ्तारी हुई है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि जो डिवाइस इस्तेमाल करते थे, उसको बरामद करना है, हथियारों को बरामद करना है, पैसे के लेनदेन के बारे में पूछताछ करनी है. हमें वॉइस सैंपल भी मैच करना है. इसलिए 5 दिनों की पुलिस हिरासत दी जाए. बाल्यान के वकील ने गिरफ्तारी का विरोध किया. 1.5 साल पुराने ऑडियो केस में गिरफ्तार किया गया है. ऑडियो 1.5 साल से पब्लिक डोमेन में है, तब गिरफ्तार नहीं किया. लेकिन कल अचानक गिरफ्तार किया गया.

बाल्यान के वकील ने कहा कि ग्राउंड ऑफ अरेस्ट के बारे में नहीं बताया गया है. कहीं दस्तखत नहीं कराई गई. पूछताछ के लिए बुलाया गया था. पूछताछ में शामिल होने के लिए गया भी था, तो यह नहीं कहा जा सकता हैं कि पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे. वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा कि गुरुचरण से पैसों की उगाही की बात सामने आई, कपिल सांगवान विदेश में है. सांगवान कहा पर बैठा है. उसके बारे में जानकारी हासिल करनी है. फोन का इस्तेमाल कौन कर रहा है. इस के बारे में पूछताछ करनी है. बता दें कि नरेश बाल्यान उत्तम नगर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं. 2023 के कथित जबरन वसूली मामले में उनसे पूछताछ की जा रही थी. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार को लंबी पूछताछ के बाद उन्‍हें गिरफ्तार कर ल‍िया.

साभार : एनडीटीवी

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।