लोड हो रहा है...

बांग्लादेश अब भारत की जगह पाकिस्तान से खरीदेगा चीनी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

ढाका. बांग्लादेश अगले महीने कराची पोर्ट से चिटगॉन्ग पोर्ट तक भारी मात्रा में चीनी खरीदने की तैयारी कर रहा है. यह पहली बार है जब पाकिस्तान इतनी भारी मात्रा में चीनी बांग्लादेश भेज रहा है. पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह सौदा कई वर्षों बाद हो रहा है. बांग्लादेश अब तक अपनी चीनी की जरूरत भारत से पूरी कर रहा था, लेकिन वर्तमान में भारत ने चीनी एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अनुमति के बाद पाकिस्तान के शुगर इंडस्ट्री ने इस साल लगभग 600,000 टन चीनी निर्यात करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

कई अफ्रीकी देशों ने भी पाकिस्तान से किए समझौते

अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय बांग्लादेश को चीनी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और पाकिस्तानी चीनी उद्योग को नई संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए किया गया है. इस सौदे के तहत, चीनी अगले महीने कराची पोर्ट से चिटगॉन्ग पोर्ट पहुंचाई जाएगी. कुल 6 लाख टन चीनी निर्यात में से 70,000 टन चीनी मध्य एशियाई देशों को भेजी जाएगी. जबकि थाईलैंड ने 50,000 टन चीनी खरीदी है. पाकिस्तान के चीनी व्यापारियों के प्रतिनिधि माजिद मलिक के अनुसार, खाड़ी देशों, अरब देशों और कई अफ्रीकी देशों ने भी पाकिस्तान से चीनी खरीद को लेकर समझौते किए हैं.

साभार : जी न्यूज़

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।