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भारत और ऑस्ट्रेलिया मेलबर्न टेस्ट मैच के बाहर लगे खालिस्तान के समर्थन में नारे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia 4th Test)के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। इस टेस्ट सीरीज का चौथा टेस्ट मैच मेलबर्न में खेला जा रहा है। इस टेस्ट मैच की शुरुआत से पहले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) के बाहर खालिस्तानी और भारतीय समर्थक भिड़ गए। एक दर्जन खालिस्तानी झंडा लेकर भारत विरोधी नारे लगा रहे जिसका भारतीय लोगों ने जमकर विरोध किया। भारतीय समर्थकों ने भारत जिंदाबाद के नारे लगाकर उनका मुंह चुप करा दिया। वहीं इस भिड़ंत को लेकर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।

दरअसल, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा टेस्ट मैच आज यानी 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया। इस टेस्ट मैच से पहले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के बाहर खालिस्तानी और भारतीय समथर्क के बीच झड़प देखने को मिली। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे खालिस्तान समर्थकों और भारतीय फैंस हाथ में झंडा लेकर आपस में लगातार नारे लगाकर आपस में भिड़ रहे हैं।

यह घटना आज सुबह की है, जब भारतीय प्रशंसकों का खालिस्तानी समर्थकों से टकराव हुआ, जिन्हें विक्टोरिया पुलिस ने बाद में वहां से हटाया। मेलबर्न टेस्ट मैच की टिकट नहीं होने के बावजूद खालिस्तानी समर्थक केवल हंगामा मचाने के लिए सुबह पहुंचे थे। हालांकि, स्थिति को जल्दी ही नियंत्रित कर लिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहा है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।