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सरकारी जमीन पर बनी दुकानों से मस्जिद कमेटी वसूलती थी किराया, मिला हटाने का आदेश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. संभल कोतवाली क्षेत्र की मुख्य बाजार में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई 11 दुकानों को हटाने के लिए प्रशासन ने 24 घंटे का समय दुकानदारों को दिया है। एसडीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नियत समय पर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बुलडोजर चलाकर दुकानों को ध्वस्त करा दिया जाएगा। कोतवाली क्षेत्र के सामने मुख्य बाजार में 11 दुकानें ऐसी हैं, जो अतिक्रमण करके सरकारी भूमि पर बनाई गईं। इनका किराया मस्जिद कमेटी के लोग वसूलते थे। लेकिन अब यहां कूप मिला है तो प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी। एसडीएम वंदना मिश्रा ने रविवार को संभल कोतवाली के परिसर में दुकानदारों के साथ बैठक की।

इस दौरान उन्होंने दुकानदारों से खुद ही 24 घंटे में दुकानें हटाने को कहा। न हटाने पर बुलडोजर से ध्वस्त कराने की चेतावनी दी है। एसडीएम ने बताया कि सड़क किनारे आगे करके यह दुकानें बनाई गई थीं। जिसकी पैमाइश कराई गई है। दुकानें अतिक्रमण की जद में आई हैं। बताया गया है कि 11 दुकानों का किराया मस्जिद कमेटी के लोग वसूलते थे। लेकिन अब इन्हें हटाने की तैयारी कर ली गई है। बताया कि 24 घंटे में यह दुकानें न हटीं तो प्रशासन का बुलडोजर से इन्हें हटाएगा। वहीं, दूसरी ओर कूप की रविवार को साफ-सफाई के साथ खुदाई जारी रही। यह कूप अभी और खोदा जाएगा। हालांकि जामा मस्जिद के पास बने कुएं की खोदाई पर कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हुए हैं। वहीं संभल कोतवाली के सामने बंद कूप की रविवार को खोदाई जारी रही।

ईओ ने चंदौसी के दुकानदारों के साथ की बैठक

नगर में पिछले दिनों चले अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान नगर पालिका परिषद ने पुरानी पालिका भवन से सटी तीन दुकानों समेत सामने गोविंद वल्लभ पंत स्कूल से सटी 11 दुकानों को ध्वस्त किया गया था। अब वह दुकानदार रोजगार के लिए भटक रहे हैं। रविवार को ईओ कृष्ण कुमार सोनकर ने अपने आवास स्थित कार्यालय पर दुकानदारों के साथ बैठक की। ईओ ने दुकानदारों को बताया कि जिनकी दुकानें टूटी हैं। उन सभी 14 दुकानदारों को गोविंद वल्लभ पंत स्कूल में दुकानें बना कर दी जाएंगी। जल्द ही दुकानों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।

इस पर दुकानदारों ने सहमति जाहिर की। इस अवसर पर हाजी अमील हुसैन, यामीन हुसैन, शोऐब, अनवर, सलीम, मदनमोहन, वेदप्रकाश, संतोष शर्मा, साजिद हुसैन, शरीफ, जुनैद, शकील अहमद, राशिद आदि दुकानदार मौजूद रहे।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।