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नाइजीरिया में तेल से भरे टैंकर में ब्लास्ट से अब तक 86 लोगों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

एबूजा. नाइजीरिया के उत्तर-मध्य हिस्से में एक गैसोलीन टैंकर में हुए विस्फोट के बाद इस घटना में मरने वालों की संख्या 86 पहुंच गई है. शनिवार सुबह हुए इस विस्‍फोट के बाद से ही यहां हालात बहुत खराब हैं. देश की आपातकालीन प्रतिक्रिया एजेंसी ने बताया कि अब तक 86 लोग मारे जा चुके हैं. यह विस्फोट शनिवार तड़के नाइजर प्रांत के सुलेजा क्षेत्र के पास उस समय हुआ जब कुछ लोग दुर्घटनाग्रस्त तेल के एक टैंकर से जेनरेटर का उपयोग कर गैसोलीन को दूसरे ट्रक में स्थानांतरित करने का प्रयास कर रहे थे.

गैसोलीन ट्रांसफर करते समय हुआ विस्‍फोट

जेनरेटर के जरिए टैंकर से ईंधन ट्रांसफर करते समय उससे विस्फोट हो गया, जिसके कारण गैसोलीन स्थानांतरित करने वाले लोगों और आसपास खड़े लोगों की मृत्यु हो गई. विस्‍फोट इतना भयंकर था कि कई लोग तुरंत मारे गए. वहीं समय के साथ मृतकों की संख्‍या बढ़ती जा रही है. विस्‍फोट के बाद यहां भारी चीख-पुकार मच गई. मारे गए अधिकांश पीड़ितों में गरीब स्थानीय निवासी शामिल हैं.

जलकर राख हो गए लोग

राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी के हुसैनी ईसा ने बताया कि 55 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका सुलेजा क्षेत्र के तीन अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है. यहां मौजूद अधिकारी ने बताया कि ये हादसा इतना भयंकर था कि कुछ लोग तो जलकर राख हो गए. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि मृतकों की संख्या 86 से अधिक हो सकती है. उन्होंने कहा, ”फोरेंसिक जांच के बिना हमें मृतकों की सटीक संख्या ज्ञात नहीं हो पाएगी.” बता दें कि यहां के जिगावा राज्य में पिछले साल अक्तूबर में इसी तरह की दुर्घटना हुई थी, जिसमें 147 लोग मारे गए थे.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।