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चैंपियन ट्रॉफी टूर्नामेंट के बीच रावलपिंडी स्टेडियम के बाहर हथियार बंद संदिग्ध गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम के पास से लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी ने एक हथियारबंद संदिग्ध को गिरफ्तार किया। लोडेड हथियार से लैस संदिग्ध को स्टेडियम से सिर्फ 1 किलोमीटर दूर स्थित फैजाबाद में पकड़ा गया। इस गिरफ्तारी के साथ ही पाकिस्तान में आयोजित की जा रही आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना उस दिन की जब मेजबान पाकिस्तान की बांग्लादेश के साथ रावलपिंडी में ही टक्कर होनी थी, लेकिन बारिश के कारण मैच रद्द हो गया। गिरफ्तार किए शख्स का नाम हजरत जमाल है जो पाकिस्तान के पेशावर का रहने वाला बताया जा रहा है। लोडेड हथियार के साथ जमाल ने एक बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहना था। पुलिस से पूछताछ हजरत जमाल ने बताया कि अपने दुश्मनों से अपनी सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी। जांच में जमाल के जैकेट से किसी तरह का कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।

संदिग्ध की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस अधिकारी सुरक्षा खतरों के किसी भी संभावित आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी जांच जारी रख रहे हैं। बता दें कि यह गिरफ्तारी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के कारण रावलपिंडी में कड़े सुरक्षा बीच हुई है। आईसीसी के इवेंट के कारण पूरे पाकिस्तान में सुरक्षा एजेंसी हाई अलर्ट पर है। इस घटना के बाद से एजेंसियों ने स्टेडियम के अलावा शहर के प्रमुख स्थलों के आसपास गश्त और निगरानी बढ़ा दी है। बता दें कि चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान दो बार सुरक्षा में बड़ी चूक देखने को मिली थी। पहली बार न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के बीच मैच में एक दर्शक कट्टरपंथी नेता की तस्वीर लेकर रचिन रविंद्र के पास पिच पर आ गया था। वहीं दूसरी घटना इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच मैच की है जब एक दर्शक खिलाड़ी से गले लगने की कोशिश करते हुए देखा गया। यही कारण है कि टूर्नामेंट के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।