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कांग्रेस विधायक ने दिया माधुरी दीक्षित पर विवादित बयान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

जयपुर. बुधवार को विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान, विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने राज्य सरकार से इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी (IIFA) अवॉर्ड्स पर हुए खर्च को लेकर सवाल किया. उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए, जबकि खाटू श्याम जी और गोविंद देव जी जैसे प्रसिद्ध मंदिरों के लिए पर्याप्त बजट नहीं दिया गया.

IIFA में शामिल हुए मेहमानों को लेकर जूली ने तंज कसते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में बॉलीवुड के शीर्ष सितारे नहीं आए. उन्होंने अपने भाषण में बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के बारे में एक टिप्पणी की जिसे लेकर विवाद हो रहा है. हालांकि बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने टीकाराम जूली के माधुरी दीक्षित के बारे में दिए गए बयान पर गहरी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि हर एक्टर अच्छा एक्टर होता है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए. कोई बड़ा छोटा नहीं होता.

”इतने पैसे तो खाटू श्याम और गोविंद जी मंदिर में खर्च नहीं हुए”

जूली ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “आपने IIFA पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए, लेकिन खाटू श्याम जी और गोविंद देव जी के लिए उतनी राशि आवंटित नहीं की. हालांकि, IIFA की फाइल बुलेट ट्रेन जैसी तेजी से पास हो गई. IIFA में आपने राजस्थान का प्रचार किया या सिर्फ इवेंट का?”

सोनू निगम ने भी जताई नाराज़गी

जूली ने गायक सोनू निगम को इस कार्यक्रम से बाहर रखने की भी आलोचना की, उन्होंने कहा “सोनू निगम को बुलाया जाना चाहिए था. एक महीने पहले ही उन्हें इन्वेस्टर समिट में बुलाया गया था, लेकिन IIFA में नहीं बुलाया गया”.

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IIFA अवॉर्ड्स को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की. जयपुर में हुए IIFA अवॉर्ड्स के बाद, विपक्ष के नेता ने इस कार्यक्रम की आलोचना करते हुए कहा कि ‘भूल भुलैया 3’ के गाने ‘मेरे ढोलना 3.0’ के लिए सोनू निगम को सर्वश्रेष्ठ प्लैबैक सिंगर की श्रेणी में नामांकित नहीं किया गया. मंगलवार को सोनू निगम ने IIFA नामांकन की एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और तंज कसते हुए IIFA को धन्यवाद दिया.

राइजिंग राजस्थान समिट के समय हुआ था विवाद

यह विवाद उस पुराने मामले से भी जुड़ा है जब तीन महीने पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य मंत्री जयपुर में राइजिंग राजस्थान से जुड़े सोनू निगम के कार्यक्रम के बीच में ही उठकर चले गए थे. तब गायक ने इसे अपना अपमान बताया था और अब उनके हालिया सोशल मीडिया पोस्ट से यह साफ होता है कि यह विवाद अब भी जारी है.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।