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अमेरिकी संसद में पाकिस्तानी सेना प्रमुख पर प्रतिबंध लगाने के लिए विधेयक पेश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिका, पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर प्रतिबंध लगा सकता है। इसे लेकर अमेरिका की संसद में एक विधेयक पेश किया गया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर राजनीतिक विरोधियों का दमन करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। इस विधेयक में पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को जेल से रिहा करने की भी मांग की गई है।

विधेयक पारित हुआ तो अमेरिका में दाखिल नहीं हो सकेंगे पाकिस्तानी सेना प्रमुख

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन और कैलिफोर्निया के डेमोक्रेटिक सांसद जिमी पनेटा ने सोमवार को संसद में ‘पाकिस्तान डेमोक्रेसी एक्ट’ नामक विधेयक पेश किया। इस द्विदलीय विधेयक में आरोप लगाया गया है कि जनरल आसिम मुनीर जानबूझकर राजनीतिक विरोधियों के दमन और उन्हें कैद करने में शामिल हैं। इस विधेयक में पाकिस्तानी सेना प्रमुख पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। जिसके बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख अमेरिका में दाखिल नहीं हो सकेंगे और साथ ही उनकी अमेरिका में स्थित संपत्ति को भी जब्त कर लिया जाएगा। इस विधेयक में पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ ही कई अन्य लोगों पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

इमरान खान को रिहा करने की मांग

विधेयक पेश करने वाले जो विल्सन ने पूर्व पीएम इमरान खान को राजनीतिक कैद में रखने का आरोप लगाया और इसके लिए पाकिस्तान की सेना को जिम्मेदार ठहराया। इमरान खान कई मामलों में दोषी पाए जाने के बाद जेल की सजा काट रहे हैं। इमरान खान को अगस्त 2023 में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल में बंद हैं। इमरान खान की पार्टी के अनुसार, पूर्व पीएम के खिलाफ 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से कुछ में उन्हें दोषी भी करार दिया गया है। विल्सन ने इस मामले में राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र लिखकर पाकिस्तान की सेना पर दबाव बनाने की भी अपील की। साथ ही इमरान खान को रिहा करने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि इस विधेयक को रो खन्ना और इल्हान उमर जैसे करीब 10 सांसदों ने समर्थन दिया है। अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो इससे न सिर्फ पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ ही पाकिस्तान की सरकार की भी परेशानी बढ़ जाएगी।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।