रविवार, सितंबर 20 2026 | 02:33:17 PM

न्यायमूर्ति अरुण पल्ली बने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जम्मू. केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति अरुण पल्ली (Arun Palli) को जम्मू एवं कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है. इस संबंध में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है. अधिसूचना के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत राष्ट्रपति ने यह नियुक्ति की है. यह नियुक्ति 4 अप्रैल, 2025 को मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद की गई. न्यायमूर्ति अरुण पल्ली वर्तमान में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे.

शिक्षा से लेकर न्यायपालिका तक का सफर

18 सितंबर, 1964 को जन्मे न्यायमूर्ति पल्ली ने वाणिज्य में स्नातक की डिग्री लेने के बाद 1988 में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से कानून की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की और दीवानी, फौजदारी, संवैधानिक, श्रम और औद्योगिक कानून सहित कई क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल की.

कानूनी दुनिया में तीन दशक का अनुभव

1 सितंबर 2004 को उन्हें पंजाब राज्य का अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने मार्च 2007 तक सेवा दी. 26 अप्रैल 2007 को वह वरिष्ठ अधिवक्ता बने और कई महत्वपूर्ण मामलों में एमिकस क्यूरी के रूप में कार्य किया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी प्रभावशाली पैरवी की.

विधिक सेवा के क्षेत्र में भी प्रभावशाली उपस्थिति

28 दिसंबर 2013 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया. इसके साथ ही वे 31 मई 2023 से हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे. 31 अक्टूबर 2023 को उन्हें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के शासी निकाय का सदस्य भी नामित किया गया था. उनके अनुभव और विधिक विशेषज्ञता को देखते हुए उनकी नियुक्ति जम्मू एवं कश्मीर एवं लद्दाख क्षेत्र की न्यायिक प्रणाली को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

- Advertisement -

साभार : एबीपी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।