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पाकिस्तान के वजीरिस्तान में धमाके से 7 की मौत, 21 घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के वजीरिस्तान में सोमवार को बड़ा बम घमाका हो गया है. इस बम धमाके में बम विस्फोट होने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 21 अन्य घायल हो गए. दक्षिण वजीरिस्तान अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित है. स्थानीय पुलिस अधिकारी उस्मान खान ने एएफपी को बताया कि स्थानीय कबायली बुजुर्ग सैफुर रहमान अपने गेस्ट हाउस में जिरगा कर रहे थे, तभी बम विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 21 अन्य घायल हो गए.

तालिबान का विरोध करती समिति

अब तक किसी भी समूह ने इस बम विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है. स्थानीय अधिकारी के मुताबिक, शांति समिति के कार्यालय को निशाना बनाया गया, जो सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान तालिबान का विरोध करती है. समिति स्थानीय लोगों के बीच विवादों को सुलझाने में भी मदद करती है. पुलिस ने बताया कि विस्फोट इतना भीषण था कि शांति समिति कार्यालय की इमारत नष्ट हो गई और कई लोग मलबे में फंस गए. अफगानिस्तान की सीमा से लगा हुआ दक्षिण वजीरिस्तान वर्षों से आतंकवादियों का गढ़ बना हुआ है, जहां सेना ने कई ऑपरेशन किए हैं. इन बलों को स्थानीय रूप से शांति समितियों के रूप में जाना जाता है.

अफगानिस्तान में शरण ले रहे आतंकवादी

कई सैन्य अभियानों के बाद देश भर में सुरक्षा में नाटकीय सुधार के बाद अधिकांश को भंग कर दिया गया है, जिनमें से अंतिम 2014 में शुरू किया गया था. 2021 में काबुल में अफगान तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से पाकिस्तान उग्रवाद में व्यापक उछाल से जूझ रहा है. इस्लामाबाद का दावा है कि आतंकवादी अब हमलों की तैयारी के लिए अफगानिस्तान में शरण ले रहे हैं.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।