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पाकिस्तान के कई कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट भारत में हुए बैन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

मुंबई. पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के लिए पिछले कुछ दिनों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पहले एक भारतीय फिल्म से उनका नाम हटाया गया और अब उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी भारत में बैन कर दिया गया है। ये घटनाक्रम तब सामने आया जब हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर तीखी बहस चल रही है।

पाकिस्तान के कई कलाकारों के अकाउंट बैन

हानिया आमिर ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई दिग्गज सितारों को इस प्रतिबंध का सामना करना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक माहिरा खान, सजल अली, अयेजा खान, अली जफर और बिलाल अब्बास जैसे बड़े नामों के इंस्टाग्राम अकाउंट भी भारत में बैन कर दिए गए हैं। ये जानकारी पाकिस्तान के एक प्रमुख पेज ‘डीवा मैगजीन पाकिस्तान’ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है।

पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर बहस

भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को काम देने को लेकर चल रही बहस लंबे समय से जारी है, लेकिन हालिया घटनाओं ने इस विवाद को एक बार फिर गर्मा दिया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसे कलाकारों को भारत में काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए, जो देश की भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाते।

हानिया आमिर के हाथों निकली फिल्म

हानिया आमिर की बात करें तो उन्होंने हाल ही में एक भारतीय प्रोडक्शन में काम करने की तैयारी शुरू की थी, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक हालात को देखते हुए मेकर्स ने उन्हें फिल्म से अलग कर दिया। उनकी फिल्म के टाइटल या अन्य डिटेल्स को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों की मानें तो शूटिंग से ठीक पहले यह फैसला लिया गया। वहीं, फवाद खान की मच अवेटेड फिल्म ‘अबीर गुलाल’ भी इस विवाद के घेरे में आ चुकी है। ये फिल्म भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक पुल का काम करने का दावा कर रही थी, लेकिन अब इस पर भी संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं।

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भारत-पाकिस्तान के बीच माहौल गर्म

गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर समय-समय पर बहस छिड़ती रही है। कई बार फिल्मों, वेब सीरीज या विज्ञापनों में पाकिस्तानी चेहरों की मौजूदगी को लेकर विरोध सामने आता रहा है। सोशल मीडिया पर एक वर्ग का कहना है कि कला और कलाकारों को सीमाओं से परे होना चाहिए, जबकि दूसरा वर्ग मानता है कि जब तक भारत में आतंकी घटनाएं होती रहेंगी, तब तक पाकिस्तानी कलाकारों को यहां प्लेटफॉर्म नहीं दिया जाना चाहिए।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।