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गायक सोनू निगम के खिलाफ कन्नड़ संगठन ने दर्ज कराई शिकायत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. हाल ही में हिंदी सिनेमा के मशहूर सिंगर सोनू निगम एक बड़े विवाद में फंस गए हैं, जो पहलगाम हमले से जुड़ा है. दरअसल, सिंगर पर कन्नड़ भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है. कर्नाटक रक्षण वेदिके (KRV) नाम के संगठन ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि सोनू ने एक फैन की कन्नड़ गाना सुनाने की मांग की तुलना पहलगाम में हुए आतंकी हमले से कर दी, जिससे भाषाई समुदायों में नफरत फैल सकती है.

ये शिकायत बेंगलुरु जिले की इकाई के अध्यक्ष ने दर्ज करवाई गई  है. ये पूरा मामला पिछले महीने बेंगलुरु के ईस्ट पॉइंट इंजीनियरिंग कॉलेज में हुए एक म्यूजिकल इवेंट का है. इवेंट के दौरान का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में देख जा सकता है कि सोनू निगम एक फैन के साथ हुई बातचीत को लेकर काफी नाराज नजर आ रहे हैं. उन्होंने मंच पर बताया कि कैसे एक लड़ने ने बार-बार उनसे कन्नड़ में गाना गाने की जिद की.

वीडियो में सोनू निगम कहते हैं, ‘मुझे अच्छा नहीं लगा कि एक लड़का, जिसकी उम्र भी नहीं थी, मुझसे जबरदस्ती कन्नड़ गाना गवाने की कोशिश कर रहा था’. इसके बाद वह कहते हैं, ‘यही वजह है जो पहलगाम में हुआ. जो किया था ना अभी? देख लो सामने कौन खड़ा है’. इस बयान से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. हालांकि, उसी इवेंट में सोनू निगम ने ये भी कहा कि उन्हें कन्नड़ भाषा और कन्नड़ लोगों के लिए पूरा सम्मान है.

कन्नड़ संगठन ने दर्ज करवाई शिकायत

उन्होंने ये भी कहा कि वो कई बार कन्नड़ गाने गा चुके हैं. लेकिन उन्होंने फैन के बर्ताव की तुलना हाल ही में हुए पहलगाम हमले से की, जिस पर अब विवाद गर्मा गया है. कर्नाटक रक्षण वेदिके ने अपनी शिकायत में कहा, ‘सोनू निगम के बयान से कन्नड़ समुदाय को गहरा दुख पहुंचा है. एक जनरल कल्चरल रिक्वेस्ट को आतंकी घटना से जोड़ना कन्नड़ लोगों को वॉइलेंट और इंटॉलरेंट दिखाने की कोशिश है, जो बिल्कुल गलत है. कन्नड़ लोग शांतिप्रिय और मेलजोल में यकीन रखने वाले हैं. ये बयान निंदनीय है’.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।