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आधी रात को पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने की संसद का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के तेवर देखकर पाकिस्तान डरा हुआ है, इसलिए आए दिन पाकिस्तान नए फैसले ले रहा है। ताजा अपडेट्स के अनुसार, पाकिस्तान में संसद का विशेष सत्र बुला लिया गया है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के आदेशानुसार सोमवार शाम 5 बजे इस्लामाबाद में नेशनल असेंबली बैठेगी। संसद के द्वारा विशेष सत्र बुलाए जाने की घोषणा आधी रात के बाद की गई, लेकिन संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के पाकिस्तान के फैसले से साफ है कि भारत की खामोशी से बौखलाए पाकिस्तान द्वारा संसद में विशेष प्रस्ताव पारित करके खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश की जाएगी। इस प्रस्ताव को फिर इंटरनेशनल अथॉरिटीज के सामने पेश करके भारत के साथ छिड़े विवाद में दखल देने की अपील की जा सकती है। पाकिस्तान UN के सामने भी अपना पक्ष रख चुका है।

पाकिस्तान ने भारत के लिए बंद किया बंदरगाह

बता दें कि शनिवार देररात पाकिस्तान ने एक फैसला लेकर अपनी बंदरगाहों को भारत के लिए बंद कर दिया। पाकिस्तान की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि पाकिस्तान की बंदरगाह में किसी भी भारतीय जहाज को आने न दिया जाए। पाकिस्तान जहाज भी भारतीय बंदरगाहों में डॉक न करें। भारत सरकार के नौवहन महानिदेशालय ने भी एक आदेश जारी किया है। दिन में भारतीय नौसेना ने एक आदेश जारी करके पाकिस्तानी झंडा लगे सभी समुद्री जहाजों को भारतीय समुद्री एरिया में एंट्री देने से मना कर दिया। आदेश में कहा गया कि कोई भी जहाज जिस पर पाकिस्तान का झंडा लगा होगा, उसे भारत में एंट्री नही मिलेगी। कोई भी जहाज जिस पर भारत का झंडा लगा होगा, वह पाकिस्तान की बंदरगाहों पर नहीं जाएगा।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव

बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव बढ़ा है और दोनों देश युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं। पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को टूरिस्टों पर आतंकियों ने हमला किया था। 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत इस नरसंहार का बदला पाकिस्तान से लेना चाहता है। इसलिए भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया हुआ है।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।